सूचना पर घटनास्थल पर सीपरी बाजार पुलिस पहुंच गई। तलाशी लेने पर जेब से बेटी का मोबाइल नंबर मिला। बेटी को बुलाया गया लेकिन, वह भी उनके सुसाइड की वजह नहीं बता सकी।
ग्वालियर में अपनी बेटी से मिलकर लौटने के बाद पिता ने ट्रेन के आने पर रेल पटरी पर सिर रखकर जान दे दी। मंगलवार देर-शाम उनका शव मिशन कंपाउंड के पास बनी रेल पटरी से दो टुकड़ों में बरामद हुआ। उनके जेब में मिली पर्ची से उनकी शिनाख्त हो सकी। उनकी मौत की सूचना पर परिवार के लोग भी रोते-बिलखते पहुंच गए हालांकि परिजन उनके सुसाइड की वजह नहीं बता सके। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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कानपुर देहात के भोगनीपुर निवासी दिनेश बाबू पाल (50) पुत्र छम्मी लाल प्राइवेट काम करते थे। बड़ी बेटी दीपांजलि ग्वालियर में रहकर बीएससी (नर्सिंग) कर रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया दिनेश 26 अक्तूबर को बेटी से मिलने ग्वालियर गए थे। उसके बाद करैरा में दोस्त से कागजात लेने गए थे। मंगलवार दोपहर वहां से झांसी जाने की बात कहकर निकले थे। शाम को वह झांसी पहुंचे। पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शाम को ट्रेन के आने पर उन्होंने पटरी पर सिर रख दिया। लोगों ने शोर मचाया लेकिन, ट्रेन की चपेट में आने से शरीर के दो टुकड़े हो गए। सूचना पर सीपरी बाजार पुलिस पहुंच गई। तलाशी लेने पर जेब से बेटी का मोबाइल नंबर मिला। बेटी को बुलाया गया लेकिन, वह भी उनके सुसाइड की वजह नहीं बता सकी।
सीपरी बाजार थाना प्रभारी विनोद मिश्रा का कहना है प्रारंभिक छानबीन में मालूम चला कि वह शराब पीने के आदी थे हालांकि सुसाइड की वजह साफ नहीं हो सकी। इसकी जांच की जा रही है।