एक ऑडियो रिकॉर्डिंग ने बृहस्पतिवार को सपा छात्रसभा और अभाविप कार्यकर्ताओं के बीच हलचल पैदा कर दी है। कुछ का कहना है कि एआई का प्रयोग करके ऑडियो बनाया है, जिसकी फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक ऑडियो रिकॉर्डिंग ने बृहस्पतिवार को सपा छात्रसभा और अभाविप कार्यकर्ताओं के बीच हलचल पैदा कर दी है। कुछ का कहना है कि एआई का प्रयोग करके ऑडियो बनाया है, जिसकी फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में 10 अक्तूबर को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम की अनुमति देने के मामले को लेकर सपा छात्रसभा और अभाविप कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों पर कार्रवाई की है। वहीं, दूसरी तरफ बृहस्पतिवार को एक ऑडियो वायरल हुआ (अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता)। इसमें एक अभाविप पदाधिकारी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले युवक से बात कर रहा है। इसमें एक युवक बिना जानकारी के उसके नाम से रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहते हुए विरोध दर्ज करवा रहा है।
जांच का विषय
इस मामले में अभाविप की प्रांत मंत्री शिवा राजे बुंदेला ने बताया कि वह छोटी टोली के कार्यक्रम के तहत कानपुर में हैं। ऑडियो में कितनी सच्चाई है, वह जांच का विषय है। वहीं, सपा छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वदेश यादव का कहना है कि ऑडियो से अभाविप का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। इस मामले की न्यायिक जांच कराएंगे। वहीं, नवाबाद थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि ऑडियो के बारे में पता चला है मगर अभी तक किसी ने भी इसके बाबत शिकायती पत्र नहीं दिया है। यदि शिकायती पत्र आएगा तो जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
बीयू की जांच भी होती जा रही लंबित
बीयू में बवाल मामले की जांच के लिए बीयू प्रशासन ने नौ सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। अब तक जांच समिति जांच पूरी नहीं कर सकी है। सूत्रों की माने तो जांच रिपोर्ट दीपावली के बाद पूरी हो सकेगी।