रात्रि में रेलवे स्टेशन की बत्ती गुल होते ही प्लेटफॉर्म का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से अंधेरे में डूब जाता है, जिससे यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में रेल प्रशासन ने एक छोटा जनरेटर ही यहां रखा है, जो स्टेशन पर पर्याप्त उजाला नहीं बिखेर पाता है।
पिछले माह मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने स्टेशन का निरीक्षण कर निर्देश दिए थे कि स्टेशन पर पर्याप्त रोशनी के लिए बड़ी हैलोजन लगाई जाए, जिससे प्लेटफार्म पर पर्याप्त रोशनी हो सके। लेकिन, यहां हालात इतर हैं। बत्ती गुल होते ही स्टेशन के एक बड़े हिस्से में अंधेरा छा जाता है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों व यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से इस अव्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
यात्रियों ने यह कहा
पूरा प्लेटफॉर्म अंधेरे की चपेट में रहता है। जनरेटर से सिर्फ नाम मात्र की लाइट जल रही है। ऐसे में कभी भी अनहोनी हो सकती है।-
संजय साहू, पुरानी मऊ
स्टेशन पर अंधेरा होने की वजह से बदमाशों का डर बना रहता है। ट्रेन आने पर भगदड़ हो सकती है, क्योंकि लाइट न होने से कुछ दिखाई नहीं देता है।
संतराम अहिरवार, महेबा
इनका यह है कहना
निर्माण कार्य के दौरान 6 फीट केबल कट गई थी, जिसे जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। केबल आने के बाद बिजली की आपूर्ति सुचारू ढंग से शुरू हो जाएगी।
- जय सिंह राजावत, स्टेशन प्रबंधक
अंधेरे में मऊरानीपुर स्टेशन, वीडियो...