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Jhansi: 631 करोड़ के ग्रीनफील्ड बाईपास को मिली मंजूरी, 15 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से जुड़ेंगे एनएच-44 व 39

Thu, 02 Apr 2026 08:31 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क

सार

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की संस्तुति के अनुसार यह बाईपास एनएच-44 पर बंगाय खास गांव से शुरू होकर एनएच-39 पर ओरछा तिगेला तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई 15.572 किलोमीटर होगी।
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चार लेन ग्रीनफील्ड बाईपास के निर्माण को वित्तीय मंजूरी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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महानगर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और हाईवे कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने झांसी को बड़ी सौगात दी है। दक्षिणी हिस्से में चार लेन ग्रीनफील्ड बाईपास के निर्माण को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर 631.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हालांकि, पर्यावरणीय मंजूरी की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की संस्तुति के अनुसार यह बाईपास एनएच-44 पर बंगाय खास गांव (किमी 16/920) से शुरू होकर एनएच-39 पर ओरछा तिगेला (किमी 6/650) तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई 15.572 किलोमीटर होगी। निर्माण कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा कराया जाएगा। निर्माण पर 427.29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना को 6 मार्च को एसएफसी की मंजूरी मिल चुकी है और इसकी निगरानी उच्च स्तरीय समिति करेगी।

एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार इस कॉरिडोर के लिए ग्रीनफील्ड क्षेत्र का चयन किया गया है, जिससे निर्माण कार्य अपेक्षाकृत आसान होगा। परियोजना की मंजूरी पर सांसद अनुराग शर्मा ने खुशी जताते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस बाईपास की मांग की जा रही थी, जिसके स्वीकृत होने से बुंदेलखंड के विकास को गति मिलेगी।
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ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
बाईपास बनने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। खासकर ललितपुर से कानपुर की ओर जाने वाले वाहन शहर में प्रवेश किए बिना सीधे निकल सकेंगे, जिससे जाम की समस्या में कमी आएगी।

यूपी और एमपी को होगा लाभ
यह परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश, दोनों राज्यों को जोड़ती है। इससे आवागमन सुगम होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही झांसी से बाहर निकलने में लगने वाला करीब 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर भी कम होगा, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी।
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