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Jhansi: चोरी हुईं तिरासी हजार पीतल की टोटियां, तीन बार बदल चुके अफसर, अब लगवाई जा रही प्लास्टिक की

Thu, 04 Sep 2025 06:55 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

जल निगम अफसर घरों से गायब होने वाली टोटियों पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं। टोटियां न होने से सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जल जीवन मिशन योजना (ग्रामीण) के तहत कुरैचा सहित सात परियोजनाओं में 2.50 लाख घरों में पानी के कनेक्शन किए गए। सरकारी पैसे से हर कनेक्शन के साथ टोंटियां भी लगाई गईं, लेकिन अफसरों की लापरवाही से घरों के बाहर लगी टोटियां चोरी हो रही हैं। सिलसिला बदस्तूर जारी है। महकमे के आंकड़ों की मानें तब अभी तक 80-90 हजार टोटियां दोबारा से लगाई जा चुकी हैं। इनमें 83 हजार टोंटी चोरी हो जाने से दोबारा लगानी पड़ीं। कुरैचा जैसी जल परियोजना में पीतल की टोंटी तीन बार चोरी हुई। हालात यह रही कि टोंटी चोरी होने से अभी भी कई जगह कनेक्शन खुले हैं। इससे पानी व्यर्थ में बह रहा है।
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टोंटी न होने से घरों तक नहीं पहुंच रहा पानी

जल जीवन मिशन के तहत 1,465 करोड़ की लागत से हर घर में नल से पानी पहुंचाया जाना है। 10 परियोजनाओं में सात पूरी हो चुकीं। इसके तहत 385 गांव के हर घर तक पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन जल निगम अफसर घरों से गायब होने वाली टोटियों पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं। टोटियां न होने से सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। बढ़वार, कुरैचा व पुरवा पेयजल योजना में 164 गांव के 56 हजार घरों में कनेक्शन दिए गए। कुरैचा में पीतल की टोटियां लगीं। बंगरा ब्लॉक के पठगुवां गांव में अधिकांश पीतल की टोटियां गायब हो गईं। यही हाल रोरा गांव में रहा। गांव में लगीं 160 टोंटी गायब हो गईं। यही हाल रोरा गांव में रहा। गांव में लगीं 160 टोंटी गायब हो गईं। 

83 हजार टोंटियां दोबारा लगानी पड़ी

जल निगम अफसरों का कहना है यहां दो से तीन बार टोंटी बदली गई। गुलारा, तिलैथा व बचावली पेयजल योजना से 107 गांव में कनेक्शन दिए गए। यहां भी 25 हजार से अधिक टोंटियां बदली गईं। इसी तरह कुल करीब 83 हजार टोंटियां दोबारा लगानी पड़ी। वहीं, ग्रामीणों का कहना है फर्म ने सिर्फ एक-दो घरों में टोंटी लगाकर पूरे गांव में काम पूरा हो जाने की रिपोर्ट लगा दी। शिकायत होने पर दोबारा टोंटी लगाने की बात कही, जबकि सच यह है कि पहले टोंटी लगाई ही नहीं गई। अधिशासी अभियंता रणविजय सिंह का कहना है कि कुछ समय पहले तक यह मामले आए। जहां से शिकायत मिली, वहां टोंटी लगवा दी गई। अब जलापूर्ति की जा रही है।
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अब लगाई जा रही प्लास्टिक की टोंटियां

टोंटी चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ने से जल निगम ने अब पीतल की जगह प्लास्टिक की टोंटी लगा रहा है। हालांकि जल निगम के अफसरों का दावा है कि सिर्फ कुरैछा जल परियोजना में ही पीतल की टोंटी लगाई जानी थी। अब कई जगहों पर प्लास्टिक की टोंटियां भी गायब हो रही हैं।
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