वेतन न मिलने से शिक्षकों-कर्मियों को परिवार चलाने में दिक्कत हो रही है। उच्च शिक्षा अधिकारी सुशील बाबू का कहना है कि बुंदेलखंड विवि ने प्रबंधक के चुनाव की फाइल का अनुमोदन नहीं किया है, जिसकी वजह से वेतन रोका है।
बीकेडी के करीब 120 शिक्षकों- कर्मियों को जुलाई से वेतन नहीं मिला है। इससे उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करने का संकट पैदा हो गया है। प्राचार्य का आरोप है कि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने वेतन रोका है। बीकेडी के प्रबंधतंत्र को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसकी वजह प्रबंधक के निधन के बाद नए प्रबंधक का चुनाव है। बताते हैं कि प्रबंधक के चुनाव का विरोध हुआ मगर हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनाव करा लिया गया। अब क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने जुलाई से वेतन रोक रखा है। तर्क है कि नए प्रबंधक का विवि से अनुमोदन नहीं होना है।
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प्राचार्य प्रो. एसके राय का कहना है कि बिना वजह क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने वेतन रोक रखा है। वह जिन तर्कों को आधार बना रहे हैं, वह निराधार है। वेतन न मिलने से शिक्षकों-कर्मियों को परिवार चलाने में दिक्कत हो रही है। उच्च शिक्षा अधिकारी सुशील बाबू का कहना है कि बुंदेलखंड विवि ने प्रबंधक के चुनाव की फाइल का अनुमोदन नहीं किया है, जिसकी वजह से वेतन रोका है। शुरुआत में अनुमोदन की प्रत्याशा में तीन माह वेतन दिया जा चुका है। वहीं,
कुलसचिव राजबहादुर ने बताया कि उप्र विवि अधिनियम 1973 की धारा 2 (13) के तहत विवि प्रबंध तंत्र को मान्यता देता है न कि किसी व्यक्ति विशेष को। विवि प्रबंधतंत्र को मान्यता दे चुका है। प्रबंधक की मृत्यु के बाद चुनाव करके नया प्रबंधक चुना जा चुका है।