झांसी। झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने कॉलोनाइजरों को टक्कर देने की तैयारी कर ली है। जमीन के अभाव में अब जेडीए छोटे भूखंडों पर आवासीय परियोजनाएं भी विकसित करेगा। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर फ्लैट भी बेचे जाएंगे। जेडीए का अनुमान है कि इससे कम समय में ज्यादा राजस्व एकत्र होगा।
झांसी विकास प्राधिकरण ने दो दशक पहले ग्राम बूढ़ा में बेतवा विहार आवासीय परियोजना विकसित की थी। लेकिन, इसके बाद से जेडीए एक भी नई कॉलोनी तैयार नहीं कर पाया। जबकि, इस दरम्यान निजी कॉलोनाइजरों ने महानगर में तमाम कॉलोनियां बनाकर बेच डालीं। जगह के अभाव की वजह से जेडीए आवासीय परियोजनाओं में पिछड़ गया। लेकिन, अब जेडीए ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है, जिसके तहत जेडीए छोटे भूखंडों पर भी आवासीय परियोजनाएं खड़ी करेगा।
बहुमंजिला इमारत बनाकर अलग-अलग आकार के फ्लैट जेडीए बेचेगा। नगर के भीतर व आसपास के सटे इलाकों में जमीन ली जाएगी। नगर निगम के अलावा निजी जमीनें भी खरीदी जाएंगी। जेडीए अफसरों का अनुमान है कि छोटी आवासीय परियोजनाएं कम समय में तैयार हो जाएंगी और हाथों-हाथ बिक भी जाएंगी। इससे प्राधिकरण कम समय से ज्यादा राजस्व अर्जित कर लेगा।
अपना भूमि बैंक बनाने की तैयारी
झांसी। जेडीए के पास जमीन का भारी अभाव है। अपनी जमीन न होने की वजह से आवासीय परियोजना विकसित करने में सालों लग जाते हैं। पहले जमीन अधिग्रहीत करनी होती है, इसमें काफी वक्त जाया हो जाता है। इसके बाद शुरू होती है निर्माण और आवंटन प्रक्रिया। लेकिन, अब इस कमी को पूरा करने के लिए जेडीए अपना भूमि बैंक बनाने जा रहा है। इसके लिए ग्वालियर रोड पर करारी में नगर निगम प्रबंध की 76 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। जमीन लेने की कार्रवाई भी जोर पकड़े हुए है। यहां आवासीय परियोजना विकसित करने के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की भी तैयारी है। इसके अलावा अंबावाय में 25 एकड़ निजी भूमि भी चिह्नित की गई है। नगर निगम के भीतर की भूमि सर्किल रेट से दोगुना और बाहर की भूमि चार गुना कीमत पर ली जाएगी।
लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में जेडीए ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। छोटी आवासीय परियोजनाएं भी विकसित की जाएंगी। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर फ्लैट बेचे जाएंगे। इसके अलावा लैंड बैंक के लिए भी दो स्थानों पर जमीन चिह्नित की गई है। यदि कोई अपनी निजी भूमि बेचना चाहता है, तो जेडीए से संपर्क कर सकता है।
- सर्वेश कुमार दीक्षित, उपाध्यक्ष - झांसी विकास प्राधिकरण