शहर के बाशिंदों को रियायती दामों में आवास और कॉलोनियां मुहैया करने वाली सरकारी संस्था झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) का गठन छत्तीस साल पहले हुआ था। कई बार दफ्तर बदलने के बाद भी जेडीए अब तक खुद के कार्यालय का निर्माण नहीं कराया जा सका है।
शहर को सुनियोजित तरीके से विकसित करने के लिए वर्ष 12 अक्टूबर 1984 को झांसी विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था। अस्तित्व में आते ही एवट मार्केट चौराहे पर जेडीए के दफ्तर को बनाया गया था। जेडीए ने शहर को सजाने व संवारे के लिए कई योजनाओं को तैयार किया था। योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए अमल भी शुरू किया गया था। ऐसे में लोगों का आनाजाना अधिक होने के कारण कार्यालय छोटा पड़ने लगा था। जिसके चलते जेडीए कार्यालय को कचहरी स्थित राय कंपाउंड में स्थानांतरित कर दिया गया था।
लेकिन कुछ समय बाद इस को कमिश्नरी स्थित कैंपस में स्थानांतरित कर दिया था। जहां पर सिर्फ तीन कमरे होने के कारण जगह की किल्लत होने लगी थी। जिसके चलते कमिश्नरी कैंपस में ही दूसरी जगह पर स्थानांतरित कर दिया है। बार बार जगह बदलने के बाद भी झांसी विकास प्राधिकरण अब तक अपना खुद का कार्यालय का निर्माण नही कर सका है। साथ ही जेडीए में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी कोई कॉलोनी का निर्माण नहीं होने के कारण अधिकांश कर्मचारी किराए के मकानों में रह रहे हैं।
इस संबंध में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि विकास भवन से सटी हुई नगर निगम की पांच हजार वर्ग मीटर जमीन को कार्यालय का निर्माण कराने की योजना बनाई गई है। योजना को तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलते ही नगर निगम से जमीन को खरीद कर निर्माण कार्य को शुरू कर दिया जाएगा।