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मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी के अवैध निर्माण को जेडीए ने किया जमींदोज

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झांसी। मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी अमर सिंह यादव के कब्जे से वीरांगना नगर कॉलोनी की 4200 वर्गफीट जमीन खाली करा ली गई। इसमें कुल 31 साल लगे। दरोगा ने यहां कब्जा जमाकर बाउंड्रीवाल समेत चार कमरे बनवा लिए थे। बुधवार को जेडीए दस्ते ने बुलडोजर से यह पूरा निर्माण ध्वस्त कर दिया। हंगामे की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
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जेडीए ने वर्ष 1991 में वीरांगना नगर कॉलोनी विकसित की थी। प्राधिकरण अफसरों के मुताबिक उसी दौरान एक अस्थाई पुलिस चौकी की आड़ में यहां जमीन कब्जा ली गई। स्थानीय लोगों ने कई बार जेडीए में शिकायत की लेकिन, अवैध कब्जा बरकरार रहा। मई माह में दरोगा के इस अवैध कब्जे की फाइल फिर खुल गई। दरोगा को अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस जारी हुई लेकिन, उसने अवैध कब्जा नहीं हटाया। बुधवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे जेडीए दस्ता बुलडोजर समेत वीरांगना नगर कॉलोनी पहुंच गया। दस्ते के साथ नवाबाद एवं कोतवाली पुलिस भी मौजूद थी। दस्ते के आने की सूचना पर चौकी प्रभारी अमर सिंह यादव भी मौके पर पहुंच गए। मामला कोर्ट में लंबित होने की बात कहते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की लेकिन, जेडीए अफसरों के कागज मांगने पर वह कागज नहीं दिखा सके। इसके बाद दस्ते ने कार्रवाई करते हुए बाहरी बाउंड्रीवाल ध्वस्त कर दी। दो लोहे के गेट लगे थे। बुलडोजर ने इसे भी उखाड़ फेंका। अंदर कुल चार कमरे बने थे, इनको भी जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान पूरा निर्माण जमींदोज कर दिया गया। जेडीए अफसरों के मुताबिक इस जमीन की मौजूदा कीमत करीब डेढ़ करोड़ है।
31 साल से जमाया हुआ था कब्जा
दरोगा अमर सिंह यादव यहां करीब 31 साल से कब्जा जमाए हुए था। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राधिकरण के कॉलोनी बसाए जाने के बाद ही एक घर में डकैती पड़ी थी। नागरिकों की मांग पर यहां अस्थाई पुलिस चौकी बना दी गई। कुछ वर्ष बाद पुलिस चौकी हट गई लेकिन, उस दौरान सिपाही रहे अमर सिंह ने इस जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने दर्जनों बार प्राधिकरण एवं नगर निगम में शिकायत की लेकिन, जेडीए अपनी जमीन खाली नहीं करा सका। क्योंकि अब वह प्रमोशन होकर दरोगा हो गया था लिहाजा अफसर भी हाथ डालने से बचते रहे।
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दरोगा ने दबा रखे थे 18 ईडब्ल्यूएस प्लॉट
वीरांगना नगर कॉलोनी में जिस जगह दरोगा ने 4200 वर्ग फीट जमीन कब्जाई थी, वह जमीन ईडब्ल्यूएस प्लॉट के लिए आरक्षित रखी गई थी। प्राधिकरण अफसरों का कहना है कि जिस समय जेडीए ने यह कॉलोनी विकसित की इस जमीन को 18 ईडब्ल्यूएस प्लॉट के लिए सुरक्षित रखा गया था। लेकिन, पुलिस चौकी विकसित होने के बाद इस जमीन को घेरकर यहां बाउंड्रीवाल बना ली गई। इसके बाद जेडीए में कई बार शिकायत हुई लेकिन, जेडीए प्रशासन अपनी जमीन खाली नहीं करा सका।
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जेडीए की जिस जमीन पर कब्जे हैं, उनको अभियान चलाकर खाली कराया जा रहा है। आगे भी अवैध कब्जे खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी।
आलोक यादव
जेडीए उपाध्यक्ष
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