झांसी। नगर निगम से एक महिला ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया। महिला का जन्म मध्यप्रदेश में हुआ और जन्म प्रमाण पत्र झांसी नगर निगम क्षेत्र का जारी किया गया। कर्मचारियों ने केवल पार्षद के लेटरपेड के आधार पर प्रमाण पत्र बना दिया गया। मामले की शिकायत नगर निगम में पहुंची, तो अफसरों ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, नगर निगम के जन्म और मृत्यु विभाग में चंदा कुमारी नाम की महिला ने दो नवंबर 2020 को जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया। जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन के साथ न तो आधार कार्ड लगाया गया और न ही अन्य कोई दस्तावेज लिया गया। आवेदन के साथ क्षेत्र के पार्षद का लेटरपैड लगा था, जिसमें तस्दीक की गई थी कि महिला का जन्म तीन मार्च 1998 को कछियाना पुलिया नंबर नौ में घर पर हुआ है। इसके बाद नगर निगम ने जांच कराई, तो तीन गवाहों को पेश किया गया। जिन्होंने महिला के जन्म को लेकर तस्दीक की। इस आधार नगर निगम ने जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया। अब नगर निगम में सूरज कुशवाहा पुत्र रमेश कुशवाहा ने शिकायत करते हुए बताया कि चंदा कुमारी का जन्म मध्यप्रदेश के शिवपुरी में हुआ है। आरोप है कि चंदा कुमारी उनकी बहन बनकर जमीन को हड़पना चाह रही है। जबकि उनकी कोई बहन नहीं है। साथ ही महिला ने जाति भी बदल दी। शिकायतकर्ता ने महिला के जन्म से संबंधित कागजात भी अफसरों को दिखाए हैं। इसे लेकर नगर निगम अफसरों ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि प्रारंभिक जांच में जन्म प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हुई है।
पार्षदों की ओर बनाया जाता है दबाव
नगर निगम में पार्षदों के पत्र के आधार जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। कई बार आवेदन पत्र में दस्तावेज पूरे नहीं होते हैं, तो विभाग की ओर से आवेदन लौटा दिया जाता है। इसे लेकर पार्षद दबाव बनाते हैं। इसे लेकर कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है।
जन्म प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत मिली है। जिसकी जांच कराई जा रही है। अगर प्रमाण पत्र गलत निकलेगा तो इसे निरस्त कर प्रमाण पत्र बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त