झांसी। नगर निगम में जैम पोर्टल से उत्पादों की खरीद में भी खेल हो रहा है। पोर्टल पर निविदा लोड करने के दौरान विशेष कंपनी का जिक्र किया जा रहा है। इसे लेकर अफसरों की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर निगम के उपसभापति ने कमिश्नर और नगर आयुक्त से मामले की जांच की मांग की है।
नगर निगम ने हाल ही में टचलैस हैंड सैनिटाइजर डिस्पेंसर के लिए जैम पोर्टल के जरिए निविदा आमंत्रित की है। जिसमें एक ही कंपनी के मेक एंड मॉडल को दिखाया गया है। टेंडर में पीएसी (प्रॉपर्टी आर्टिकल सर्टिफिकेट) मांगा गया है। इसके चलते अन्य कंपनियां हैंड सैनिटाइजर के लिए आवेदन ही नहीं कर सकतीं। वहीं एलईडी लाइट की खरीद के लिए निकाले गए टेंडर में भी यही शर्तें लगाई गई हैं। जबकि साल 2018-19 में भी ऐसा ही किया गया था। इसके साथ ही सिक्योरिटी गार्ड के लिए मैन पावर सर्विस कैटेगरी में आवेदन मांगे गए हैं। जिसमें तीन साल अवधि तक कार्य करने का उल्लेख किया गया है। उपसभापति राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मैन पावर सर्विस में निविदा दाता का कोई अनुभव और किसी विशेष शर्त का जिक्र नहीं किया गया। पीएसी के जरिए खरीद करने से साफ है कि निगम के अधिकारी एक ही कंपनी से सेवाएं और उत्पाद खरीदकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना चाह रहे हैं। उन्होंने मंडलायुक्त और नगर आयुक्त से जैम पोर्टल के जरिए जारी की गई निविदाओं की जांच कराने और दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है। इसे लेकर निगम अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।