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जेल से 120 बंदी रोज परिजनों का ले रहे हालचाल

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जेल में अब कैदी वीडियो कांफ्रेसिंग से अपने परिजनों से बात कर रहे है। - फोटो : ???? ????
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जेल से 120 बंदी रोज परिजनों का ले रहे हालचाल
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झांसी। कोरोना संक्त्रस्मण के प्रभाव की वजह से जिला जेल के कैदी अब वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपने परिजनों से हालचाल जानने के साथ बात भी करने लगे हैं। प्रत्येक कैदी को पांच मिनट का समय दिया
जा रहा है। जेल के पेशी कक्ष से वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई है।
कोरोना संक्त्रस्मण से बचाव व रोकथाम के लिए कारागार मुख्यालय से सभी जेलों में कैदियों की मुलाकात पर रोक लगा दी गई थी। इससे रोजाना जेलों में बंद अपने रिश्तेदारों से मिलने वाले लोग मायूस थे।
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यही नहीं, मुलाकात बंद होने से कैदियों व रिश्तेदारों को एक दूसरे की चिंता भी सता रही थी। ऐसे में कारागार प्रशासन ने ई-मुलाकात कराने की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके लिए परिजनों को जेल महकमे की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना पड़ रहा हैै। आवेदन फार्म की संस्तुति पर जेल की ओर से रिश्तेदार को ई-मेल व मेसेज पर एक लिंक व समय भेजा जा रहा है। निर्धारित समय पर लिंक में जाने पर कैदी की रिश्तेदार से वीडियो कांफ्रेसिंग कराई जा रही है।
24 मार्च से बंद है मुलाकात
लॉकडाउन होते ही 24 मार्च के बाद से जेल में बंदियों की घरवालों से मुलाकात बंद कर दी गई थी। इस वजह से कैदी परेशान थे उन्हें घरवालों के हाल-चाल नहीं मिल पा रहे थे। जिसे देखते हुए जेल
प्रशासन ने परिजनों से उनकी बात कराने के लिए वीडियो कांफ्रेसिंग का सहारा लिया है। इस व्यवस्था से जेल मे जहां कोरोना के संक्त्रस्मण का कोई खतरा नहीं होगा वहीं कैदी सीधे परिजनों को देख कर बात कर सकेंगे। इसके लिए कैदी को पांच मिनट का समय दिया जाएगा।
जिला जेल में बंद हैं 1100 से अधिक कैदी
जिला जेल में ऐसे में प्रतिदिन 120 बंदियों की पेशी कक्ष मे कांफ्रेसिंग की व्यवस्था की गई है। मौजूदा समय में जेल में करीब 1100 से अधिक कैदी बंद हैं। जिनमें दोष सिद्ध व विचाराधीन दोनों तरह के कैदी शामिल हैं। इन सभी कैदियों का लॉकडाउन के बाद से अपने घर वालों से संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है।
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पांच मिनट का मिलेगा समय
वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला ने बताया कि लॉकडाउन को देखते हुए वीडियो कॉफ्रसिंग से बात कराने का निर्णय किया गया है। प्रत्येक कैदी के लिए पांच मिनट का समय निर्धारित किया गया है। अवधि पूरी होते ही कांफ्रेंसिंग डिस्कनेक्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से कैदी परिजनों का हाल-चाल जान सकेंगे।
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