कोई भी हो हस्ती, जेल में मोबाइल फोन पर रहेगी सख्ती
जावेद असलम
झांसी। जेलर हो या कोई भी शीर्ष अफसर जेल में सभी के मोबाइल फोन पर अब पाबंदी होगी। यह कदम जेल से चलने वाले मोबाइल, मुन्ना बजरंगी हत्याकांड, जेल के अंदर से बंदियों की मौज मस्ती भरे वीडियो ओर गैंग न पनप सकें इसलिए उठाया गया है। डीजी जेल के नए आदेश जिला कारागार में भी लागू हो गए हैं। नए आदेश का पालन अफसरोें की नजर मेें होगा।
कारागार में अब तक वरिष्ठ जेल अधीक्षक व जेलर अपने पर्सनल मोबाइल जेब में रखकर धड़ल्ले से अंदर चले जाते थे, लेकिन नए नियम के मुताबिक अब ऐसा नहीं चल सकेगा। नए आदेश के तहत जेल के अफसर पर्सनल मोबाइल अब अंदर नहीं ले जा सकेंगे। नए आदेश के मुताबिक केवल कार्यालय व कक्ष के अलावा जेल के किसी भी परिसर में वह मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। वह केवल सरकारी मोबाइल का ही उपयोग कर सकेंगे। जेल की सुरक्षा व्यवस्था के तहत यह कदम उठाया गया है। आदेश के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई केे भी निर्र्देश दिए गए हैं। आदेश के तहत कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक, अधीक्षक, प्रभारी अधीक्षक , जेलर अब केवल अधिकृत सीयूजी मोबाइल नंबरों का उपयोग अपने कार्र्यालय कक्ष तक ही करेंगे। अधिकारी के साथ कारागार के कर्मचारी भी इस नए नियम की श्रेणी में आएंगे। लखनऊ स्तर से नए आदेश की मॉनीटरिंग समय - समय पर होगी। आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला ने बताया कि नए निर्देश मिलने के बाद उनका पालन शुरू करा दिया गया है।
जेल के बाहर बनेगा मोबाइल लॉकर
जेलोें के बाहर मोबाइल बनाने के भी निर्देश मिले हैं। जिला कारागार में भी जल्द काम शुरू होगा। इन मोबाइल लॉकरों में जेल कर्मचारी, अफसर व मिलाई करने आए लोग अपने - अपने मोबाइल रखेंगे। मोबाइल लॉकर में चाबी के साथ ही टोकन ही व्यवस्था होगी।
माननीय के लैटर पैड पर भी पाबंदी
जेल में मोबाइल फोन के रोक के साथ ही माननीय के सिफारिशी लेटर पैैड पर भी पाबंदी लगा दी गई है। कारागार में अब किसी भी माननीय के लेटर पैड पर बंदी से मिलाई नहीं कराई जाएगी। आम या खास सभी लेटर पैड पर नहीं मिल सकेंगे। मिलाई के लिए केवल पर्ची का ही इस्तेमाल होगा।
जेल में स्थिति ओवरलोड
वर्तमान में जिला कारागार की स्थिति बंदियों की संख्या के चलतेे ओवरलोड है। वर्तमान में जेल में 15 पुरुष व 1 महिला बैरक है। इनमें 416 बंदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन वर्तमान में 1200 से अधिक बंदी हैं। निर्धारित से तीन गुने बंदियों की वजह से व्यवस्थाओं को उपलब्ध कराना भी जेल प्रशासन के लिए चुनौैतीपूर्ण रहता है। साथ ही, प्रशासन के सामने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को भी खतरा रहता है। बंदियों की संख्या अधिक होने के कारण उनकी तलाशी व निगरानी के साथ मिलाई करना भी परेशानी भरा रहता है।
दो सिम वाले फोन का क्या करेंगे!
इन दिनों दो सिम वाले स्मार्ट फोन का चलन अधिक है। अधिकतर लोग ऑफिस के फोन का सिम और व्यक्तिगत मोबाइल वाला सिम एक ही मोबाइल में चलाते हैं। जेल अधिकारियों को सीयूजी नंबर लेकर जाने की अनुमति है। एक ही फोन में दूसरे नंबर को कैसे रोका जा सकेगा यह प्रश्न बना हुआ है। इस संबंध में आला अफसरों का कहना है कि कैमरे से निगरानी होगी।