झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और डिफेंस कॉरिडोर बुंदेलखंड में रोजगार के अनेकों अवसर पैदा करेंगे। अब वो दिन दूर नहीं जब झांसी समेत बुंदेलखंड रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा क्षेत्र विकसित हो जाएगा। इसके बाद बुंदेलखंड में जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान का मंत्र चारों दिशाओं में गूंजेगा। केंद्र व राज्य सरकार बुंदेलखंड की पहचान, गौरव को समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के ऑनलाइन लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड के एक तरफ बेतवा, दूसरी तरफ केन और उत्तर दिशा में यमुना नदी हैं मगर इनके पानी का पूरा लाभ पूरे क्षेत्रों को नहीं मिल पाता है। इन स्थितियों को बदलने का प्रयास केंद्र सरकार कर रही है। केन-बेतवा लिंक परियोजना में इस क्षेत्र के भाग्य को बदलने की ताकत है। इसके लिए यूपी और एमपी की राज्य सरकारों के साथ काम किया जा रहा है। एक बार पर्याप्त पानी बुंदेलखंड को मिलने लगेगा तो तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए अटल भूजल योजना पर काम चल रहा है। पश्चिमी यूपी के सैकड़ों गांवों में 700 करोड़ की योजना पर काम जारी है। इसके अलावा हर घर जल योजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
बुंदेलखंड जिलों में पाइप लाइन बिछाने का काम जारी है। दस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की 500 जल परियोजनाओं की स्वीकृति दी जा चुकी है। पिछले दो महीने में तीन हजार करोड़ की परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। यह योजनाएं पूरी हो जाएंगी तो बुंदेलखंड के लाखों परिवारों को सीधा लाभ होगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, पुरुषोत्तम रूपाला ऑनलाइन और झांसी से हमीरपुर सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, विधायक जवाहर लाल राजपूत, रवि शर्मा, राजीव सिंह पारीछा, बिहारी लाल आर्या, एमएलसी रमा निरंजन, पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, अरविंद वशिष्ठ, उप महानिदेशक प्रसार डॉ. एके सिंह, उपमहानिदेशक शिक्षा डॉ. आरसी अग्रवाल, कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह, कुलपति डॉ. अरविंद कुमार, कुलसचिव डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. एसके चतुर्वेदी, डॉ. एके पांडे मौजूद रहे।
दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी का सुझाया मंत्र
पीएम मोदी ने एक बार फिर अपने भाषण में कोरोना से निपटने के लिए दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी का मंत्र सुझाया। आप सुरक्षित रहेंगे तो देश सुरक्षित रहेगा। बोले कि बुंदेलखंड की पहचान रही है कि वो किसी भी संकट का डटकर मुकाबला करता है। कोरोना से भी बुंदेलखंडी डटकर मुकाबला कर रहे हैं। राज्य सरकार की तरफ से भी काफी प्रयास किया जा रहा है।
मैं मेरी झांसी नहीं दूंगी
मोदी ने अपने भाषण में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की अंग्रेजों से युद्ध करते समय की गई गर्जना मैं मेरी झांसी नहीं दूंगी का जिक्र कर झांसी और बुंदेलखंड से भावनात्मक अपना जुड़ाव दर्शाया। उन्होंने कहा कि आज भी एक गर्जना की जरूरी है, वो है कृषि के जरिए भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए।
टिड्डी दल से फसल बचाने को युद्ध स्तर पर हुआ काम
पीएम ने मई में बुंदेलखंड समेत देश के दस राज्यों में हुए टिड्डी दल के बड़े हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह दल सारी मेहनत मिनटों में तबाह कर देता है। 30 साल बाद टिड्डियों ने बुंदेलखंड में हमला किया। जितनी तेजी से यह दल फैल रहा था, सामान्य तौर-तरीकों से इनसे नियंत्रण पाना मुश्किल था। यूपी सरकार ने युद्ध स्तर काम करके किसानों की फसलों को बचाने का काम किया। दर्जनों कंट्रोल रूम बने। मशीनें, केमिकल, दवाइयां खरीदकर जिलों तक पहुंचाई गईं। सारे संसाधन लगाए, ताकि किसानों को कम से कम नुकसान हो। ऊंचे पेड़ों पर बचाने के लिए एक साथ दवा का छिड़काव कराने के लिए दर्जनों ड्रोन लगा दिए, हेलीकॉप्टर लगा दिए।
सरकार की योजनाएं भी मोदी ने खूब गिनाईं
भाषण के दौरान पीएम मोदी ने सरकारी योजनाएं भी खूब गिनाईं। उन्होंने कहा कि गरीब का चूल्हा जलता रहे, इसलिए मुफ्त राशन दिया जा रहा है। बुंदेलखंड की दस लाख गरीब बहनों को गैस सिलिंडर दिए और हजारों करोड़ रुपये जनधन खाते में जमा किए। गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में सात सौ करोड़ से ज्यादा खर्च किया जा चुका है। लाखों कामगार को रोजगार मिला है। बुंदेलखंड में सैकड़ों तालाबों को ठीक करने और नए बनाने का काम किया गया है। चुनाव से पहले झांसी दौरे पर जब वह आए थे, तब उन्होंने बुंदेलखंड की बहनों से कहा था कि बीते पांच साल शौचालय के लिए थे और आगामी पांच साल पानी के लिए होंगे। इस दिशा में तमाम योजनाओं के जरिए काम किया जा रहा है।