शुक्रवार को पासिंग आउट परेड के बाद 245 महिला रिक्रूट (प्रशिक्षु) को बतौर सिपाही विभिन्न थानों में तैनाती दी गई। इस दौरान प्रशिक्षण में शानदार प्रदर्शन करने वाली रिक्रूट को पुरस्कृत भी किया गया। खाकी वर्दी में अधिकारियों के बीच इन सबने जय हिंद के साथ कर्तव्य ईमानदारी से निभाने का संकल्प लिया।
पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि पुलिस उप महानिरीक्षक शरद सचान रहे। उन्होंने परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया ने प्रशिक्षण में सफल रहीं सभी रिक्रूट महिला सिपाहियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करें। सिपाहियों को सच्चाई और शिष्टाचार के साथ व्यवहार करने की भी शपथ दिलाई गई। इस मौके पर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, एसपी ग्रामीण सुधा सिंह, प्रतिसार निरीक्षक होरीलाल सिंह, पीआरओ अखिलेश सिंह मौजूद रहे। 245 महिला रिक्रूट को शुक्रवार को प्रशिक्षण पूरा हुआ। इन्हें 54 रिक्रूट को झांसी जिले के विभिन्न थानों में भेजा गया।
इन्हें पुरस्कार
पासिंग आउट परेड के बाद ट्रेनिंग के सभी विषयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर रूपा देवी, बाह्य विषयों में सर्वोच्च अंक के लिए रजनेश, अन्य विषयों में सर्वाधिक अंक के लिए दीपिका चौधरी, प्रगति सचान, रीता, संध्या, सोनाली सिंह, कंचन सिंह, शिवानी कुमारी, रेनू देवी, विनीता, संयोक्ता शुक्ला, सन्नो देवी, रेनू यादव और स्नेहलता को पुरस्कृत किया गया। परेड में सहयोग के लिए रिक्रूट प्रियंका यादव, प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह, रामकृपाल सिंह, नाजिश अली हाशिमी, अर्जुन प्रताप सिंह, दिवाकर पांडेय, मेघनाथ सिंह को सम्मानित किया गया।
कर्तव्य के लिए संकल्प
निभाऊंगी जिम्मेदारी
पुलिस में रहकर आम लोगों के लिए कुछ करने का ज्यादा मौका हासिल होगा। जो जिम्मेदारी सरकार ने दी है, उसका पूरी तरह से पालन करूंगी। इच्छा है कि समाज में व्याप्त बुराइयों को वर्दी में रहते हुए दूर करूं।
- रूपा
गर्व है मुझे वर्दी पर
आज के दौर में भी पुलिस पब्लिक का बड़ा सहारा है। यही वजह है कि मुझे खाकी वर्दी पर गर्व है। एमए बीपीएड करने के बाद पुलिस ज्वाइन की है। अब मौका भी मिला है। जो सोचा है, उसे पूरा करने का संकल्प है।
- प्रियांशी
बेहतर करने का मिला मौका
दौड़ में नेशनल लेवल की खिलाड़ी रही। पुलिस में नौकरी पर गर्व है। ट्रेनिंग के दरम्यान बहुत सीखने को मिला। समाज के लिए कुछ बेहतर करने का मौका हासिल हुआ है।
- रजनेश
लक्ष्य अभी दूर
यह तो केवल शुरुआत है। अब नौकरी में रहते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की पढ़ाई लगातार जारी रखूंगी। पुलिस में ऊंचे पद पर पहुंचने का सपना है, जिसे साकार करना अब पहले से आसान हो गया है।
- पूजा