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अवैध शराब कभी भी मचा सकती है बड़ी तबाही, खतरे के मुहाने पर ही है झांसी

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झांसी। इसी साल के जनवरी माह में बुलंदशहर में जहरीली शराब ने कोहराम मचाया था। अब अलीगढ़ में जहरीली शराब के सेवन से पचास से अधिक जानें जा चुकी हैं। इन घटनाओं जैसे हादसे कभी भी झांसी में हो सकते हैं। यहां भी जगह - जगह अवैध शराब के अड्डे धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। जिन पर खुलेआम धीमी मौत का सामान बिकता है। कच्ची शराब लोगों की जिंदगी में तबाही का जहर घोल रही है। बावजूद, सब जानकर भी जिम्मेदार बेखबर बने बैठे हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की उदासीनता कभी भी लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
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जहरीली शराब के सेवन से मौत की घटनाएं प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए दिन सामने आती रहती हैं। झांसी जिला भी इस खतरे के मुहाने पर बैठा हुआ है। यहां भी बड़े पैमाने पर अवैध शराब (कच्ची शराब) खपाई जा रही है। महानगर के इलाके हों या गांव की पगडंडियां, इस अवैध कारोबार की हर जगह दखल है। इसका अंदाजा गांव-गांव में बिखरी पड़ी रहने वालीं सफेद पन्नियों को देखकर लगाया जा सकता है, जिनमें भरकर ये शराब बेची जाती है। लॉकडाउन के दरम्यान आबकारी विभाग की शराब की दुकानें बंद रहीं थीं, लेकिन कच्ची शराब के अड्डे बदस्तूर गुलजार बने रहे थे, बल्कि इसकी खपत और भी बढ़ गई थी। आबकारी विभाग और पुलिस की कार्रवाई रस्म अदायगी तक सीमित रहती है। कार्रवाई होने के बाद से फिर से शराब के अड्डे गुलजार हो जाते हैं। जानकारों का कहना है कि इस शराब के पीने से कई लोगों की मौत तक हो चुकी है।
कबूतरों के अलावा भी हैं कारोबारी
झांसी। कच्ची शराब के धंधे में कबूतरा जाति के लोगों की ही लिप्तता माना जाती है। लेकिन, उनके अलावा भी इस धंधे तमाम लोग उतर आए हैं। अवैध शराब के अड्डों के ये संचालक शौकीनों को विश्वास में लेने के लिए कबूतरों से थोड़ी-बहुत शराब लाते हैं, बाकी ये अपने अड्डे पर केमिकल मिलाकर बड़ी मात्रा में शराब तैयार कर लेते हैं। बगैर नापतौल और केमिकल मिली शराब पीने से लोगों की जान हमेशा खतरा बना रहता है।
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यहां चल रहे हैं अवैध शराब के अड्डे
झांसी। महानगर में सीपरी बा़जार के पाड़री, मथनपुरा, सिमरधा, आइटीआई के पास, अयोध्यापुरी, हड्डी घर, कांशीराम पार्क के समीप, मुरारी नगर, बूढ़ा, भोजला, प्रेमनगर के गरिया गांव, महावीरनपुरा, राजीव नगर के आगे नहर के पास, ग्वालटोली, कुम्हार टोली, राजगढ़, बिजौली, कोतवाली के नई बस्ती, पंचवटी कॉलोनी के पास, लक्ष्मी तालाब के पास, बड़ागांव गेट बाहर, नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित सब्जी मंडी के समीप, आरटीओ ऑफिस के सामने सड़क के दूसरी ओर जंगल में, तालपुरा, सदर बा़जार थाना क्षेत्र के भगवंतपुरा, खिरकपट्टी, सिमराहा आदि स्थानों पर अवैध शराब की बिक्री होती है।
गांव-गांव में फैला हुआ है जाल
झांसी। कच्ची शराब के कारोबार का गांव-गांव में जाल फैला हुआ है। बरुआसागर के ग्राम तैंदोल, इटौरा तिराहा, टहरौली के ग्राम कुकुरगांव, स्टैंड के पास, परसा नहर पुल के पास, कटेरा, ग्राम गुढ़ा, ग्राम कुरैना, एरच के झबरा डेरा, नहर के पास, समथर के अंधरी मोड़, नहर किनारे मऊरानीपुर, रेलवे स्टेशन के समीप, लुहरगांव के पास, सुखनई नदी के किनारे, सकरार के अड़जार कबूतरा का डेरा, तेजपुरा कबूतरा डेरा जाने वाले मार्ग, दूधनाथ डिग्री कॉलेज के पास, उल्दन के बंगरा स्थित जल निगम के पीछे, इमलिया सिजरा तिराहा के पास, चिरगांव के महेबा डेरा, गुलारा डेरा, भटपुरा रोड, मोंठ के कान्हा ढाबा के पास आदि स्थानों पर अड्डा संचालित है।
कच्ची शराब के अड्डों पर लगातार दबिश दी जा रही है। चारों सर्किल में ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। विभागीय टीमों ने कई अड्डे उजाड़ दिए हैं। इसकी बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगाने तक विभागीय कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- प्रमोद कुमार गोयल, जिला आबकारी अधिकारी
कॉलोनी के पास ही कच्ची शराब का अड्डा चल रहा है। दिन भर वहां शराबियों का जमघट बना रहता है। आए दिन झगड़े भी होते रहते हैं। हर समय असुरक्षा बनी रहती है। बावजूद, कार्रवाई नहीं की जा रही है।
- हरीप्रकाश श्रीवास्तव, रस विहार कॉलोनी
कच्ची शराब का अड्डा पास में होने की वजह से दिन भर कॉलोनी में शराबियों का आवागमन बना रहता है। पैसे जुटाने के लिए ये लोगों के घरों तक में घुस जाते हैं। आबादी के पास से अड्डा हटाया जाना चाहिए।
- संजय जायसवाल, रस विहार कॉलोनी
राजघाट कॉलोनी की नहर के किनारे लोग सुबह टहलने जाते हैं। वहां शराबियों का जमघट देखने को मिलता है। आए दिन शराबी लोगों के साथ अभद्रता भी करते हैं। इस तरह से अवैध शराब की बिक्री का होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
- शैलेष भाटिया, आवास विकास कॉलोनी
सब्जी मंडी के पास दिन भर खुलेआम कच्ची शराब बिकती है। मंडी में काम करने वाले तमाम मजदूर अपनी दिन भर की कमाई इस पर लुटा देते हैं। हमारे क्षेत्र की आबादी के लिए भी ये खतरा है, बावजूद किसी का ध्यान नहीं है। - मो. इरफान, शिवाजी नगर
कच्ची शराब कई परिवारों को तबाह कर चुकी है। ग्वालियर रोड पर खुलेआम बिक्री होती नजर आती है। लेकिन, जिम्मेदार सब जानकार भी अनजान बने बैठे हैं। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
- पवन अग्रवाल, मानिक चौक
अवैध शराब निमभन आर्य वर्ग के लोगों के घरों को बर्बाद कर रही है। मेहनत की कमाई लोग शराब पर लुटा देते हैं। इससे परिवारों में झगड़े भी होते हैं। इस अवैध व्यापार पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए।
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- वरुण गुप्ता, बड़ा बाजार
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