झांसी। ‘जादू है नशा है, मदहोशियां, तुझको भुलाकर अब जाऊं कहां।’ ‘यूपी का सफर विद नीलेश मिसरा’ लाइव कंसर्ट में गानों का नशा दर्शकों पर कुछ यूं चढ़ा कि वह पूरी तरह मदहोश हो गए। एक के बाद एक गानों ने जहां लोगों को कुर्सी से जमाए रखा, वहीं दिलचस्प कहानियों में भी दर्शक डूब से गए।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम में अमर उजाला के सहयोग से 92.7 बिग एफएम की पेशकश लाइव इन कंसर्ट शो का आगाज नीलेश मिसरा ने ‘पिया तोसे नैना लागे रे, जाने क्या होगा अब आगे रे’ गीत के साथ किया। इसके बाद नीलेश और उनकी साथी गायिका प्रियंका भट्टाचार्या ने मिलकर ‘खबर कर दो शहर में’, बॉडीगार्ड फिल्म का ‘दिल का ये क्या राज है, जाने क्या तुम कर गए’, नैरा तेरे बोले मोसे कैसी-कैसी बातें, ‘लम्हा-लम्हा दूरी यूं पिघलती है, जानें किस आग में ये शबनम जलती है’, एजेंट विनोद फिल्म का ‘यूं तो प्रेमी पछत्तर हमारे, लेजा तू कर सत्तर इशारे’, बाजीराव मस्तानी फिल्म का ‘कुछ तो बता जिंदगी, अपना पता जिंदगी’ बैक-टू-बैक सांग सुनाए, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
बच्चे, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग सभी ने नीलेश के इस शो का जमकर लुत्फ उठाया। शो के दौरान नीलेश ने कुछ दिलचस्प कहानियां भी सुनाईं। अभी तक रेडियो पर ही सुनते आए ‘हीरो’ को जब फैन्स ने अपने सामने पाया तो वे बेहद उत्साहित और खुशी से झूमते दिखे। नीलेश से दर्शकों को बताया कि पहली बार उनका झांसी आना हुआ है लेकिन झांसी की बातें और कहानियों को वह अपने दोस्त से सुनते आए हैं। उनके कई साथी झांसी के ही रहने वाले हैं। कार्यक्रम के दौरान टॉप टेन बिग स्टोरीज लिखने वालों को नीलेश मिसरा ने सम्मानित भी किया। इनविजिबल मम्मी टाइटल नाम से स्टोरी लिखने पर ट्व्किंल गुरू बख्शी को पहला, बेधर्म मानवता विषयक स्टोरी पर डॉ. सुनील पांडेय को दूसरा, धुआं टाइटल पर कहानी लिखने पर राजकुमारी को तीसरा स्थान मिला। इसी तरह लक्ष्मीनारायण चौथे, ओझल के गुप्ता पांचवें, अनुष्का लिटौरिया छठवें, दीप्ति सक्सेना सातवें, शिवम गुप्ता आठवें, श्याम सुंदर प्रजापति नौवें और मिहिका गुप्ता दसवें स्थान पर रहीं। इस मौके पर डीआईजी शरद सचान, एसएसपी सभाराज, एसआर ग्रुप के सुरेंद्र राय, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, डॉ. नूतन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
शो की झलकियां
‘जिस्म’ की मम्मी आ गईं
झांसी। शो में नीलेश मिसरा के हर अंदाज से दर्शक रू-ब-रू हुए। सन 2003 में रिलीज हुई फिल्म जिस्म से अपने गाने लिखने का सफर शुरू करने वाले नीलेश मिसरा ने लाइव कंसर्ट में कहानियां पढ़ने, गाना गाने के साथ-साथ हंसी मजाक भी किया। उन्होंने बताया जिस्म फिल्म से जो उन्हें पहचान मिली उसके बाद जब उनकी मम्मी किसी प्रोग्राम में जाती थीं, तो लोग बोलते थे ‘जिस्म’ की मम्मी आ गईं। पिता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शुरूआत में इंडस्ट्री में नया था, तो ज्यादा चलती नहीं थी। उनके गानों के फिल्मांकन को लेकर पिता बोलते थे कि तुम्हारे लिखे गाने सुनने का तो मन करता है, देखने का नहीं। इतना सुनते ही सभी की हंसी छूट गई।
...तो फिर आऊंगा झांसी
झांसी। लाइव कंसर्ट के दौरान हॉल पूरी तरह से बंद होने के कारण नीलेश की आवाज गूंज रही थी। इसका उन्हें खुद भी एहसास हुआ। उन्होंने कहा कि आवाज गूंजने के कारण हो सकता है, आपको ठीक से सुनने में परेशानी हो रही हो इसलिए अब मेरा यहां फिर से आकर शो करने का मन है। आप मुझे बुलाएंगे, तो फिर आऊंगा झांसी।