झांसी। कप्तान साहब! कार्रवाई के भय से लोग तो हेलमेट लगाने लगे हैं, मगर आपके मातहत इसे लगाने में अपनी तौहीन समझ रहे हैं। थानों व पुलिस कार्यालय में आने वाले पुलिस कर्मी ही नहीं चीता मोबाइल टीमें भी बिना हेलमेट घूमती हैं। आपने तो अधीनस्थों को ‘पहले हम सुधरेंगे फिर दूसरों को सुधारेंगे’ की नीति का पाठ पढ़ाते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे।
एसएसपी मनोज तिवारी ने पहली दफा शहर में प्रवेश करने के दौरान महसूस किया था कि ट्रैफिक नियमों की बेधड़क धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यही वजह रही कि पदभार संभालते ही उन्होंने बिना हेलमेट पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय व थानों में दोपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के आदेश दिए। नसीहत देते हुए कहा कि पहले पुलिस कर्मियों के खिलाफ हेलमेट नहीं लगाने पर कार्रवाई होगी ताकि जनता कार्रवाई करते समय प्रश्नचिह्न नहीं लगा सके। मगर हैरानी की बात है कि अधीनस्थों ने कप्तान के आदेशों की तवज्जो नहीं दी। यही वजह रही कि कप्तान के आदेशों को फरमान आज तक थानों व पुलिस लाइन तक नहीं पहुंचा है और बेधड़क बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों का आवागमन हो रहा है।
ट्रैफिक पुलिस ने 52 चालान काटे
ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार की दोपहर में जेल चौराहा पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने 52 लोगों के चालान काटे। करीब 30 लोगों को हेलमेट खरीदकर लगाने के बाद छोड़ा गया, जबकि कइयों ने अपने घरों से हेलमेट मंगवाए।
लोगों को किया जाएगा जागरूक
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि हेलमेट के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के कैंपस में जागरूकता कार्यक्रम करवाए जाएंगे। अधीनस्थों को जल्द ही आदेश जारी कर दिया जाएगा कि बिना हेलमेट किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया जाए।