प्रशिक्षण केदौरान घंटो बिजली गुल रहने की समस्या से जूझ रहे राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की परेशानी अब जल्द दूर होने वाली है। व्यावसायिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के ऐसे आईटीआई में सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने का फैसला किया है। पहले चरण में फिलहाल 10 आईटीआई का चयन किया गया है। बुंदेलखंड में झांसी और बांदा के दो आईटीआई को इस स्कीम में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों व्यावसायिक शिक्षा विभाग की योजनाओं के प्रगति की समीक्षा के दौरान बिजली किल्लत से प्रभावित इलाकों में स्थित आईटीआई में सौर ऊर्जा सयंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया था। सीएम ने इसकेलिए दो महीने की समय सीमा भी तय कर दिया था। इस अधार पर व्यवसायिक शिक्षा विभाग ने पहले चरण में 10 आईटीआई में सौज ऊर्जा संयत्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इन सभी आईटीआई में 40 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा सयंत्र लगाए जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक विभाग के इस प्रस्ताव पर सरकार की मंजूरी मिल गई है। प्रस्ताव के मुताबिक 5 आईटीआई में तो केन्द्र की ‘स्पेशल कम्पोनेंट प्लान’ के तहत सौर ऊर्जा सयंत्र लगाए जाएंगे। जबकि 5 आईटीआई केलिए धन की व्यवस्था सामान्य बजट से की जाएगी। प्रस्ताव के मुताबिक सौर ऊर्जा सयंत्र के साथ-साथ बैटरी बैकअप की भी व्यवस्था की जाएगी। ताकि लंबे समय तक बिजली गुल होने की स्थिति में संस्थानों को कम से कम 8 घंटे तक पावर बैकअप मिल सकेगी। इसका फायदा यह होगा कि धूप नहीं निकलने की स्थिति में भी बिजली बाधित नहीं होगी।
इन आईटीआई में लगे सौर ऊर्जा संयत्र
आजमगढ़, वाराणसी, चंदौली, सीयर (बलिया), कन्नौज, जहांगीरगंज (अंबेडकर नगर), किसनी (मैनपुरी), इटावा झांसी व बांदा।