अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए। खास तौर से डेटा सुरक्षित रखने की उन्होंने जरूरत बताई। कहा, सतर्कता बरतने से डेटा सुरक्षित रखा जा सकता है।
एसएसपी ने कहा कि साइबर फ्रॉड होने पर सबसे पहले गोल्डन ऑवर के बारे में ख्याल रखना चाहिए। धोखाधड़ी होने पर जितनी जल्दी पुलिस को बताएंगे, मदद की गुंजाइश उतनी अधिक रहेगी। आज मोबाइल फोन खरीदने की जल्दीबाजी में पुराना फोन बेच देते हैं लेकिन उसके पहले उसे फैक्टरी रीसेट करना जरूरी है। ऐसा न करने पर समस्या पैदा हो सकती है। मेडिकल छात्रों से एसएसपी ने साइबर फ्राड से सचेत रहने के साथ ही अपने आसपास के लोगों को सतर्क रहने को कहा।
साइबर थाना प्रभारी चंद्रदेव यादव ने बताया कि साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। सोशल साइट के जरिये पुरानी गाड़ी या अन्य कोई सामान बेचने के नाम पर ठगी की जाती है। इस दौरान पूर्व प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, डॉ. कुलदीप चंदेल, डॉ. रामबाबू, डॉ. पारस गुप्ता, प्रदीप त्रिपाठी, उदयवीर, विजय कुमार समेत अन्य चिकित्साकर्मी मौजूद रहे।
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साइबर अपराध से बचने के लिए बताए ये उपाय
ई मेल और एटीएम का समय-समय पर बदलते रहें पासवर्ड, मोबाइल नंबर को पासवर्ड न बनाएं।
पासवर्ड में अंकों के साथ शब्द, विशेष निशान, हैश आदि चिह्नों का भी इस्तेमाल करें।
लॉटरी निकलने व अन्य किसी प्रकार के इनाम की सूचना देने वाले फोन कॉल पर भरोसा न करें।
व्हाट्सएप पर ऑटो डाउनलोड फीचर का इस्तेमाल न करें।
किसी भी लिंक को क्लिक करने से पहले पूरी जानकारी ले लें।
बच्चों के फोन में पेरेंट्स लॉक लगाएं व गूगल डैश बोर्ड के फोन की हिस्ट्री पता करते रहें।
- सोशल साइट पर किसी पुराने सामान की खरीदारी में सावधानी बरतें, खरीदारी अपने इर्दगिर्द के दायरे में ही करें।
- सोशल साइट के जरिये कोई परिचित पैसा मांगे तो जल्दबाजी न करें, पुष्टि करने के बाद ही पैसा दें ।
- ऑनलाइन शॉपिंग करते समय शॉपिंग साइट की विश्वसनीयता परख लें।
- सरकारी योजनाओं व आवास के नाम पर भी ठगी हो रही है, इसके लिए पैसा किसी को न दें।
- सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारियां साझा न करें।
- गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च न करें।
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मेडिकल छात्रों ने पूछे सवाल
कार्यशाला के आखिरी में मेडिकल छात्रों ने एसएसपी से सवाल किए। एसएसपी ने सभी के सवालों के जवाब दिए। अरविंद यादव ने एसएसपी से जानना चाहा कि साइबर फ्राड के बढ़ने का मौका कैसे मिला। जवाब में एसएसपी ने कहा कि तकनीकी का प्रसार होने पर यह स्वभाविक है। हमारी प्राथमिकता इस पर रोक लगाने की है वहीं, अभिषेक, अंकित कुमार, नेहा अग्रवाल समेत अन्य छात्रों ने भी बढ़ते तकनीकी में साइबर अपराध की रोकथाम को लेकर सवाल पूछे।
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साइबर अपराध से निपटना इस समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में एक है। जागरूक रहकर ही इससे मुकाबला किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान मेडिकल छात्रों समेत चिकित्साकर्मियों को भी साइबर फ्राड से बचाव के तौर-तरीकों के बारे में बताया गया। इसका छात्रों पर काफी असर हुआ। उनको कई नई चीजों के बारे में जानने का मौका मिला। - डॉ. मयंक सिंह, प्राचार्य, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज