झांसी। रेल प्रशासन द्वारा समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन न किए जाने के कारण इस बार यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिल पाना मुमकिन नहीं हो रहा है। रेलवे 24 घंटे पहले तत्काल सेवा से आरक्षण उपलब्ध कराता है, मगर वह बर्थें भी खुशकिस्मत वालों को ही मिल पा रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले दो साल से रेलवे समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन में रुचि नहीं ले रहा है। यही कारण है कि अप्रैल माह खत्म होने के करीब है, अब तक इक्का- दुक्का समर स्पेशल गाड़ियों के संचालन की घोषणा की गई है। सूत्रों के अनुसार रेलवे अधिक फायदे के लिए स्पेशल ट्रेनों के रैक का उपयोग प्रीमियम ट्रेनों के रूप में कर रहा है। वहीं, समर स्पेशल ट्रेनों को चलाने में होने वाली परेशानी से भी बचना चाहता है। कारण कुछ भी हो, मगर इससे यात्रियों को अंतिम समय में आरक्षण कराने का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ी हुई है। खासकर गर्मियों के दिनों में मुंबई, पुणे, बंगलूरू, जम्मू, शिरडी, गोरखपुर की तरफ जाने वाली किसी भी ट्रेेन में कंफर्म बर्थ उपलब्ध नहीं है। चार माह पूर्व आरक्षण की व्यवस्था ने स्थिति को और खराब कर दिया है।
गौरतलब है कि रेलवे पहले पुणे आगरा होली-डे स्पेशल, लोकमान्य तिलक टर्मिनल-ग्वालियर होली डे स्पेशल, र्साइं नगर शिर्डी-निजामुद्दीन स्पेशल, हैदराबाद-फिरोजपुर स्पेशल, गोरखपुर-पुणे स्पेशल, लोकमान्य तिलक टर्मिनल-लखनऊ स्पेशल, लखनऊ-लोकमान्य तिलक टर्मिनल स्पेशल, इलाहाबाद-लोकमान्य तिलक टर्मिनल स्पेशल आदि ट्रेनों का संचालन करता। इन सभी गाड़ियों को रेल मंडल के झांसी, ग्वालियर, ललितपुर, उरई आदि स्टेशनों पर ठहराव दिया गया था। इससे गर्मियों के दिनों में कंफर्म टिकट की चाहत अधिकांश यात्रियों की पूरी हो जाती थी।
‘स्पेशल ट्रेनों को चलाने का निर्णय रेलवे बोर्ड लेता है। जिस संख्या में ट्रेनों को चलना चाहिए, वह स्थिति नहीं बन सकी है। समर स्पेशल न चलने से यात्रियों की दिक्कतें अवश्य बढ़ी हैं।’
- गिरीश कंचन, जन संपर्क अधिकारी