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कारोबारियों के डेढ़ अरब रुपये फंसने की प्रशासन ने शुरू की जांच

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झांसी। एमसीएक्स में लगाए गए डेढ़ अरब रुपये एक बड़े सराफा कारोबारी के पास फंसने की प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जांच समिति ने लोगों को मौका दिया है कि वे इस प्रकरण में नौ सितंबर तक अपने बयान दर्ज करा सकते हैं।
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लॉकडाउन की शुरुआत के साथ ही कई लोगों ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) की ओर रुख कर लिया था। उन्होंने ऑनलाइन सोने - चांदी की खरीद फरोख्त शुरू कर दी थी। महानगर के एक बड़े सराफा कारोबारी द्वारा संचालित ट्रेडिंग कंपनी में सैकड़ों व्यापारियों ने लगभग डेढ़ अरब रुपये की रकम लगाई थी। रकम व्यापारी ने कंपनी के पास आगे न बढ़ाकर खुद ही रख ली। इससे व्यापारियों का पैसा फंसकर रह गया है। इससे व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सभी अपनी रकम निकालने की जुगत में जुटे हुए हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम अक्षयवर चौहान की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी है, जिसमें पुलिस अधीक्षक शहर और नगर मजिस्ट्रेट को भी शामिल किया गया है। कमेटी ने लोगों से अपील की है कि वे जांच समिति के समक्ष 9 सितंबर तक सुबह दस से शाम पांच बजे के बीच बयान दर्ज करा सकते हैं।
रकम का हिसाब देने से कतरा रहे लोग
झांसी। इस मामले में जिनकी रकम फंसी है, वे भी आसानी से आगे नहीं आ रहे हैं। उन्हें डर है कि सामने आने पर उन्हें एमसीएक्स में लगाई गई रकम का हिसाब देना पड़ सकता है। जबकि, बाजार के सूत्रों के अनुसार ज्यादातर लोगों के अपना काला धन इस कारोबार में लगाया। इन परिस्थितियों में वे पुलिस की मदद भी नहीं लेे रहे हैं।
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