झांसी। व्यापारियों की सुविधा के लिए वाणिज्यकर विभाग ने ब्याज माफी योजना शुरू की है। इसमें यदि व्यापारी ने कोई अपील दाखिल की है तो उसे वापस लेने का प्रावधान है। इसके बाद भी व्यापारियों को वास्तविक जमा राशि के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में व्यापारी पर्याप्त लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
ब्याज माफी योजना में अलग- अलग बकाएदारों के लिए अलग- अलग तरीके से ब्याज माफ करने की सुविधा है। यदि व्यापारी पर दस लाख रुपये तक बकाया है तो ब्याज माफी योजना में ब्याज और अर्थदंड की शत- प्रतिशत माफी है। दस लाख रुपये से अधिक या एक करोड़ रुपये तक के बकाया पर व्यापारियों के लिए ब्याज में 90 प्रतिशत और अर्थदंड में शत- प्रतिशत माफी का प्रावधान है। इसी प्रकार एक करोड़ रुपये से अधिक के बकाया पर व्यापारियों के लिए शत- प्रतिशत अर्थदंड माफी के साथ ब्याज माफी का प्रावधान है।
वाणिज्यकर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर विजयानंद पांडे ने बताया कि योजना के लिए आवेदन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है। यदि व्यापारी को फिर भी कोई दिक्कत है तो कार्यालय में बनाए गए हेल्प डेस्क पर संपर्क करके समस्या का समाधान करा सकता है। योजना दो सितंबर तक लागू है।
दूसरी ओर अधिवक्ता विजय खन्ना ने बताया कि व्यापारी ने विभाग द्वारा जारी वसूली कार्रवाई के साथ यदि अपील दाखिल की है तो उसे वापस लेना आवश्यक है। लेकिन अधिकतर व्यापारियों के समायोजन के मामले निस्तारित नहीं होने के कारण वास्तविक बकाया धनराशि की जानकारी नहीं है। विभाग द्वारा अधिकतर व्यापारियों की वसूली कार्रवाई जारी नहीं करने के कारण वसूली नंबर ज्ञात नहीं हो रहा है। ब्याज माफी योजना का लाभ लेने के लिए विभाग द्वारा उक्त कार्य पूरे नहीं किए जा रहे हैं। इस कारण व्यापारी ब्याज माफी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस संबंध में ज्वाइंट कमिश्नर का कहना है कि व्यापारियाें की समस्या को संज्ञान में लिया गया है।