संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। एक ओर जहां बुंदेलखंड के किसान मौसम की मार से परेशान होकर खेती छोड़ रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर बबीना के एक किसान ने इंटरनेट से खेती करना सीखा और पथरीली जमीन को उपजाऊ बना दिया। किसान सुरेश अब पथरीली जमीन पर ड्रैगन फ्रूट उगा रहे हैं।
विकास खंड बबीना के गांव डगरवाहा के किसान सुरेश कुशवाहा 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2016 में नागपुर (महाराष्ट्र) के नेशनल इंस्टीट्यूट में सिविल इंजीनियरिंग में करने चले गए। पढ़ाई के बाद उन्होंने नेशनल हाईवे 25-26 का निर्माण कर रही कंपनी में बतौर सुपरवाइजर नौकरी शुरू कर दी। यहां वह खाली समय में इंटरनेट पर खेती की तकनीक सीखते रहे। कृषि के प्रति उनका रुझान इस हद तक बढ़ गया कि सुरेश ने नौकरी छोड़ी और 2020 में बबीना लौट आए। सुरेश बताते हैं कि उनके पास 3.5 एकड़ भूमि है, जिसमें से एक एकड़ भूमि ही समतल थी। बाकी 2.5 एकड़ जमीन पथरीली थी। उन्होंने इंटरनेट मदद से भूमि काे उपजाऊ बनाने पर मेहनत शुरू कर की। एक साल की मशक्कत के बाद सुरेश से इस भूमि को भी खेती योग्य बना दिया। इसके बाद सुरेश कुशवाहा ने केंद्रीय विश्वविद्यालय और इंटरनेट से जानकारी लेकर भूमि का इस्तेमाल ड्रैगन फ्रूट की पैदावार के लिए किया। उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्होंने ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए हैं। जिन्हें विकसित होने में थोड़ा समय है। वह बताते हैं कि दिसंबर 2024 तक इनमें फल आने शुरू हो जाएंगे। वहीं अन्य उपज से अब हर साल 3 लाख रुपये से अधिक का मुनाफा हो रहा है।