झांसी। रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा की घोषणा के बाद भी रेल मंत्रालय ने अभी तक एक सितंबर से इंदौर- ग्वालियर इंटरसिटी को झांसी से चलाने की परमीशन नहीं दी है। जबकि एक दिन शेष बचा है। वहीं, रेल मंडल प्रशासन ने मंगलवार को ट्रेन चलाने का रिमाइंडर इलाहाबाद मुख्यालय भेजा, जिसमें डिब्बों की जगह पूरी ट्रेन को झांसी तक चलाने को सुविधाजनक बताया गया है।
विगत छह अगस्त को झांसी में आयोजित भाजपा कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में शिरकत करने आए संचार एवं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने रेलवे स्टेशन के वीआईपी रूम में पत्रकारों के समक्ष घोषणा की थी कि बहुप्रतीक्षित ग्वालियर-इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस एक सितंबर से झांसी से भी चलने लगेगी। इसके आठ डिब्बे झांसी से बनकर जाएंगे, जो ग्वालियर पहुंचने पर इंटरसिटी से जोड़ दिए जाएंगे।
पूरा महीना बीत गया, मगर रेल मंत्रालय से अभी तक ट्रेन को चलाने की कोई परमीशन नहीं आई है। परमीशन न आने के कारण बुधवार को डीआरएम एस के अग्रवाल ने मुख्यालय को पत्र लिखा है। पत्र में पूरी ट्रेन को ही झांसी से चलाने को सुविधाजनक बताया गया है।
गौरतलब है कि एक जुलाई 2013 को लागू हुई समय सारिणी में ग्वालियर-इंदौर एक्सप्रेस इंटरसिटी का संचालन झांसी से भी करने का फैसला किया गया था। लेकिन, इस पर अमल नहीं हो रहा था। अब इस इंटरसिटी के चलने के बाद यात्रियों के लिए इंदौर का सफर आसान हो जाएगा। अभी झांसी क्षेत्र के यात्रियों को इंदौर जाने के लिए रात ढाई बजे मालवा एक्सप्रेस का ही सहारा है।
‘ट्रेन को चलाने को लेकर मुख्यालय से अभी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए है। कार्रवाई चल रही है। ट्रेन अवश्य चलेगी। थोड़ा समय लग सकता है।’
गिरीश कंचन, पीआरओ।