संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। भट्टा गांव स्थित मदरसा कॉस्मोपॉलिटिन में एक लिपिक और चार शिक्षकों की भर्ती की जांच डीआईओएस को सौंपी गई थी। डीआईओएस ने जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक मानकों को पूरा नहीं करने वाले मदरसा प्रबंधन को नियुक्ति का अधिकारी नहीं है। वहीं मदरसा प्रबंधन नियमों के मुताबिक ही भर्ती करने की बात कह रहा है।
जिले में सरकारी मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या पांच है। जिसमें मदरसा कॉस्मोपॉलिटिन कॉलेज को वर्ष 1979 में मान्यता प्रदान की गई थी। नियमानुसार मदरसे का संचालन निजी भवन में किया जाना आवश्यक है। मदरसा प्रबंधन द्वारा लगभग आठ माह पहले एक लिपिक सहित चार शिक्षकों की भर्ती की गई थी। इन सभी का वेतन भी जारी कर दिया गया था। भर्ती की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार को जांच करने के आदेश दिए थे। डीआईओएस ने जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक मदरसे का संचालन किराए के भवन में किया जाता है। लेकिन मदरसा प्रबंधन ने शासनादेश की परवाह किए बिना ही भर्ती कर ली है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उपनिदेशक मोहम्मद तारिक ने बताया कि खाली पद होने पर मदरसा प्रबंधक को संस्तुति दी गई थी। उस मदरसे में पहले भी कई भर्तियां की जा चुकी है। भर्ती नियमों के मुताबिक ही की गई हैं।