जिलाधिकारी कर्णसिंह चौहान ने सोमवार को ‘ई-पशु चिकित्सा: पशुपालन के लिए टेली परामर्श’ के लिए ऑनलाइन सिस्टम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अब पशुपालकों को पशुओं के उपचार के लिए गांव से दूर पशु चिकित्सालय नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह से उपचार करा सकेंगे।
कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में उन्होंने पशु चिकित्सा विशेषज्ञ से बात की और पशुओं में होने वाली बीमारी के उपचार की जानकारी प्राप्त की। डीआईओ एनआईसी दीपक सक्सेना ने बताया कि जिले में 200 जनसेवा केंद्र हैं। सभी केंद्रों पर पशुपालकों को सुविधा दी जा रही है। जनसेवा केंद्र पर पशुपालक अपना रजिस्ट्रेशन कराएंगे। रजिस्ट्रेशन कराने पर पशुपालक को चिकित्सक के समय की जानकारी दे दी जाएगी और निर्धारित समय पर पशुपालक जनसेवा केंद्र पर पहुंचकर पशु की बीमारी के लक्षण बताएंगे। इसका उपचार चिकित्सक बताएंगे। दवा की जानकारी भी पशु पालक को दी जाएगी। ई-पशु चिकित्सा के माध्यम से पशुओं के टीकाकरण, पशु प्रबंधन, चारा योजना, पशुओं का उपचार, पशुओं का दूध कैसे बढ़ाएं, संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
इस मौके पर पशु चिकित्साधिकारी डा. वाईएस तोमर, प्रोबेशन अधिकारी राजीव शर्मा, नेटवर्किंग इंजीनियर कपिल चतुर्वेदी, आसिफ खान उपस्थित रहे।