झांसी। प्रदेश सरकार ने झांसी जनपद में नेशनल इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग जोन को मंजूरी दे दी है। यह योजना साढ़े तीन साल से फाइलों में लटकी हुई थी। योजना के साकार रूप लेने पर रोजगार के असीम अवसर पैदा होंगे, जिसका लाभ समूचे बुंदेलखंड के लोगों को होगा।
उत्तर प्रदेश में बड़े उद्योगपतियों को पूंजी निवेश को आकर्षित करने तथा नवीन औद्योगिक वातावरण के सृजन के लिए भारत सरकार द्वारा नेशनल मैन्युफैक्चरिंग इनवेस्टमेंट नीति बनाई गई थी। इसके तहत उत्तर प्रदेश के पश्चिमांचल के दादरी, नोएडा व गाजियाबाद तथा पूर्वांचल व बुंदेलखंड में एक - एक नेशनल मैन्युफैैक्चरिंग जोन स्थापित किया जाना था। साढ़े तीन साल बाद आखिरकार इस योजना को मंजूरी मिल गई।
इस योजना के तहत जोन में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी। न्यूनतम तीस फीसदी मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां होंगी। इकाइयों की स्थापना के लिए स्माल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक द्वारा ऋण मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा बेरोजगारों के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था रहेगी। जोन की स्थापना न्यूनतम पांच हजार हेक्टेअर भूमि में की जानी है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा गरौठा व टहरौली तहसील की 5370 हेक्टेअर भूमि चिह्नित की गई है।
इस भूमि वाले सभी गांव बेतवा नदी से लगे हुए हैं। उक्त भूमि झांसी - कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से 7 से 20 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत एरच से बेंदा मार्ग पर स्थित है। प्रस्तावित भूमि में पानीदार, आबादी, सड़क, कब्रिस्तान, मरघट, खलिहान व वन विभाग की भूमि को शामिल नहीं किया जाएगा।
इन गांवों की ली गई जमीन
गरौठा तहसील-गेंदा कबूला, कठरी, गोरा, जुझारपुरा, ठहरका, हरदुवा, शैतानपुरा, कामेरा व झबरा।
टहरौली तहसील-समशेर पुरा, बेंदा, पथरेडी, सुरवई व देवरा सारन।