झांसी के बबीना छावनी में भारत-रूस संयुक्त युद्धाभ्यास 'इंद्र 2018' के तहत मंगलवार को रोमांचक और पराक्रम से भरपूर सैन्य अभ्यास हुआ दोनों ही सेनाओं ने आतंक को मुंहतोड़ जवाब देने का अद्भुत प्रदर्शन किया। इस दौरान हेलीकॉप्टर से कमांडो का उतरना आतंकियों की घेराबंदी टैंक, रॉकेट लॉन्चर आदि से उनके ठिकाने ध्वस्त करना और उन्हें भाग खड़े होने के लिए मजबूर करना शामिल था।
मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री ने आतंकियों के कब्जे वाला इलाका पूरी तरह से खाली कर अपने कब्जे में लिया दोनों ही सेनाओं के आला अधिकारियों ने बताया कि आतंकवाद किसी देश विशेष का मुद्दा नहीं रह गया है इसलिए जरूरत आन पड़ी है की मित्र देश मिलकर आतंक के खिलाफ संयुक्त अभ्यास करें और उसे उसका हश्र दिखाए।
भारत-रूस का यह संयुक्त अभ्यास इस मायने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभ्यास में लाइट मशीन गन, रॉकेट लॉन्चर, टी90 भीष्म टैंक, बोफोर्स तोप, हेलीकॉप्टर समेत बड़ी तादाद में सैन्य साजो-सामान का उपयोग किया गया। बुधवार को भारत-रूस संयुक्त सेना अभ्यास का औपचारिक समापन कर दिया जाएगा। यह सेना अभ्यास कुल 11 दिन चला।