भारत और रूस की सेनाओं के बीच हो रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास इंद्र 2018 का आज बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में समापन हो गया। इस मौके पर दोनों सेनाओं के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस सैन्य अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं ने रणकौशल, अनुभव और तकनीक को साझा किया।
रूस से आई सैन्य टुकड़ी का चीन बार्डर पर तैनाती का विशेष अनुभव है। लिहाजा उसके अनुभवों से भारतीय सेना का चीन के संबंध में अधिक अनुभवी और कुशल होना तय है। इस अभ्यास से विश्व फलक पर आतंकवाद और उसे प्रश्रय देने वाले संगठनों व देशों का मनोबल भी टूटेगा।
अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद 21वीं सदी की बड़ी चुनौती है। इसके लिए दोनों सशस्त्र सेनाएं अपने रणकौशल, अनुभव, क्षेत्र विशेष की केस स्टडी को साझा किया। आतंकवाद (काउंटर टेररिज्म) और घुसपैठियों पर अंकुश (काउंटर इंसरजेंसी) पर भी विशेष फोकस रहा।
रूस और भारत के संबंध बहुत पुराने हैं। यह दोनों सेनाओं के बीच दसवां सैन्य अभ्यास है। इससे पहले अब तक पांच बार रूस में और चार बार भारत में ऐसा सैन्याभ्यास हो चुका है।