बदलते मौसम में वायरल और पेट के मरीज काफी बढ़ गए हैं। कभी सर्दी, कभी गर्मी होने से बुखार आ रहा है, तो खाना खराब हो जाने के चलते इकोलाइक इंफेक्शन होने से लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो रहे हैं। दोनों मर्ज के मरीजों की संख्या में बीस प्रतिशत इजाफा हुआ है।
मौसम में बदलाव के कारण वायरल तेजी से फैल रहा है। जून तक डायरिया के मरीज अधिक आ रहे थे लेकिन जुलाई में बरसात शुरू हुई तो वायरल के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इसके अलावा गर्मी, उमस में खाना खराब हो जाने के चलते फूड प्वाइजनिंग भी हो रही है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि मौजूदा समय में वायरल फीवर, फूड प्वाइजनिंग के केसों में बीस फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। यह फीवर कई दिनों तक बना रहता है। सरकारी अस्पताल ही नहीं निजी क्लीनिकों पर भी इलाज के लिए अधिकतर वायरल और फूड प्वाइजनिंग के मरीज पहुंच रहे हैं।
खाने का रखें ध्यान
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. नूतन अग्रवाल ने बताया कि तपिश के कारण रोगाणु नष्ट हो जाते हैं लेकिन बारिश में इंफेक्शन बढ़ जाता है और रोगाणु जिंदा हो जाते हैं। इसलिए खानपान का ध्यान रखें। तले-भुने खाने से परहेज करें। हल्का खाना ही खाएं।
ऐसे बरतें सावधानी
- पानी उबालकर ही पीएं।
- घर में वायरल पीड़ित हो तो मास्क लगाएं।
- बुजुर्ग, बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
- तली चीजों, बाहर के पेय पदार्थों का सेवन न करें।
- ठेलों पर बिकने वाले कटे हुए फ्रूट नहीं खाएं।