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स्कूलों की छुट्टियां होते ही ट्रेनों में बढ़ी भीड़

Tue, 23 May 2017 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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ट्रेन - फोटो : demo
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स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति बेहद खराब हो गई है। 50 ट्रेनों में तो आरएसी टिकट भी कंफर्म नहीं हो पा रहा है। मजबूरन आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) टिकट के यात्रियों को एक बर्थ पर दो लोगों को शेयर करना पड़ रहा है। एक दिन पहले मिलने वाले तत्काल टिकट के लिए भी खूब मारामारी मची हुई है।
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 गर्मी की छुट्टियां होने के कारण लोग घूमने-फिरने जा रहे हैं, वहीं शादी समारोहों के कारण ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। मजदूर वर्ग खेती कार्य निपटाने के बाद बड़े शहरों में काम के लिए जाने लगा है। इसके अलावा कोई परिवार के साथ वैष्णो देवी, शिरडी के सांई बाबा या तिरुपति बालाजी के दर्शनों को जा रहा है तो बहुत से लोग मौजमस्ती के लिए गोवा, शिमला और मुंबई जा रहे हैं। वहीं, दूसरे शहरों में सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में काम करने वाले लोग गर्मियों में अपने परिवार से मिलने के लिए घर जा रहे हैं। इस कारण ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। हर कोई चाहता है कि आरक्षण मिल जाए, इस कारण टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लग रही हैं। हालात यह हैं कि ट्रेन के आरक्षित टिकटों की आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) भी कंफर्म नहीं हो पा रही है।
सबसे अधिक मारामारी ग्वालियर-बरौनी मेल, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस, इंदौर पटना एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, जनसाधारण एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, पंजाब मेल, मालवा एक्सप्रेस, अंडमान एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, दादर अमृतसर पठान कोट एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, लखनऊ लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, छपरा मेल, गोंडवाना एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस समेत 50 ट्रेनों में मची हुई है। 20 जून के बाद ही स्लीपर क्लास में उक्त ट्रेनों में कंफर्म बर्थ मिल रही है।
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तत्काल टिकट भी आसान नहीं
यात्रा तिथि के एक दिन पहले मिलने वाले तत्काल टिकट के लिए भी मारामारी चल रही है। यात्रियों को अधिक किराया देने के बाद भी बर्थ नहीं मिल पा रही है। तत्काल में आरक्षण टिकट पाने की खातिर टोकन लेने के लिए मारामारी मच जाती है। यही हाल इमरजेंसी कोटे का है। चयनित ट्रेनों में दो से चार सीटें इमरजेंसी कोटे की होने के बाद भी एक ट्रेन के लिए 15 से 20 प्रार्थना पत्र आ रहे हैं।
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