झांसी। स्कूल चलो अभियान की तर्ज पर अब खेल विभाग भी बालिकाओं को विभिन्न खेल गतिविधियों में शामिल करने के लिए अभियान चलाएगा। ताकि खेलों में बालिकाओं की रुचि के साथ हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके। इसके तहत कोच स्कूलों में जाकर छात्राओं क ो खेल के प्रति जागरूक करेंगे। वहीं, उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देकर पंजीकरण भी कराएंगे, ताकि बालिकाएं नियमित रूप से ध्यानचंद स्टेडियम में प्रशिक्षण के लिए आ सकें। इस संबंध में निदेशालय ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा की तरह खेल गतिविधियों में भी बालिकाओं की संख्या हमेशा ही काफी कम रही है। जिसकी नजीर है, ध्यानचंद स्टेडियम में खेल विभाग के संचालित खेल कैंपों में बालिकाओं की पंजीयन संख्या। बीते खेल सत्र वर्ष 2015-16 में 227 बालक पंजीकृत थे, तो वहीं सिर्फ 35 बालिकाएं पंजीकृत रहीं। वर्तमान खेल सत्र में जहां 129 बालकों ने अभी तक अपना पंजीयन कराया, तो वहीं सिर्फ 21 बालिकाओं ने पंजीयन कराया है।
खेल गतिविधियों में बालिकाओं की संख्या काफी कम होने पर खेल निदेशालय ने क्षेत्रीय खेल कार्यालय को निर्देश दिए हैं कि आगामी दो वर्ष में स्टेडियम में संचालित प्रत्येक खेल कैंप में बालिकाओं की संख्या पचास प्रतिशत रखी जाए और स्कू लों में अभियान चलाया जाए।
इस संदर्भ में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी रानी प्रकाश ने बताया कि अभियान के तहत खेल विभाग के सभी प्रशिक्षक विद्यालयों में जाएंगे। जहां वह बालिकाओं को खेलों के प्रति जागरूक करेंगे और बालिकाओं को प्रशिक्षण देंगे। साथ ही उन्हें ध्यानचंद स्टेडियम में पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करेेंगे। ताकि वह स्टेडियम में प्रशिक्षण उपरांत राज्यीय, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिता के लिए तैयार हो सकें। वहीं, छात्रावास तथा स्पोर्ट्स कॉलेज की सुविधाओं का लाभ ले सकें।
कोई अलग से बजट नहीं हुआ है जारी
खेल निदेशालय ने भले ही बालिकाओं की विभिन्न खेलों में प्रतिभागिता के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया हो, लेकिन अभियान दौरान प्रशिक्षण के लिए खेल सामग्री जुटाने एवं खेल प्रशिक्षकों का स्कूलों में आने-जाने संबंधी खर्चों के लिए कोई अलग से बजट जारी नहीं किया है। ऐसे में उक्त अभियान कितना सफल होता है, इस पर अभी से प्रश्न उठने लगे हैं।