फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राशन कार्ड बनवाने को अपात्र कर रहे आवेदन

विज्ञापन
rashan - फोटो : demo
विज्ञापन
झांसी। जिले में लॉकडाउन के दौरान राशन कार्ड बनवाने के लिए पूर्ति विभाग के पास लगातार आवेदन पहुंच रहे हैं। लोग फर्जी सूचनाएं भरकर आवेदन कर रहे हैं। जबकि जांच में पात्रता की पोल खुल रही है। विभाग की ओर से ऐसे आवेदनकर्ताओं के आवेदन निरस्त कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। जांच में यह भी सामने आ रहा है कि आवेदन के बाद लोग लेखपाल से भी जानकारी छिपाकर आय का सत्यापन करा ले रहे हैं। ऐेसे कार्डधारकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। केस नंबर एक गांव रेवन निवासी प्रवीण कुमार यादव ने राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया था। जांच में सामने आया कि प्रवीण कुमार यादव मध्य प्रदेश में सरकारी अध्यापक हैं। परिवार में ट्रैक्टर, शस्त्र लाइसेंस, कृषि भूमि और चार पहिया वाहन है। इस पर विभाग ने प्रवीण यादव को नोटिस जारी कर आवेदन निरस्त किया है। केस नंबर दो मऊरानीपुर के चौक दमेला निवासी गोविंददास भी राशन कार्ड बनवाने का आवेदन लेकर पूर्ति कार्यालय पहुंचे। आवेदन की जांच में पाता चला कि उनका पुत्र कानपुर में सरकारी स्कूल में अध्यापक है और वे चांदी का काम करते हैं। मामले मेें नोटिस जारी किया गया है। रिकवरी की होगी कार्रवाई क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने बताया कि इस दौरान तमाम अपात्र लोग राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। लेखपाल से भी आय का अनुमोदन करा लेते हैं। ऐसे में लोगों के खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई करने के निर्देश हैं। अपात्र परिवारों के खिलाफ रिकवरी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब तक बन चुके ढाई हजार कार्ड जिले में लॉकडाउन के दौरान करीब ढाई हजार नए राशन कार्ड बन चुके हैं। साथ ही अब तक करीब तीन लाख परिवारों को 65 हजार क्विंटल चावल का वितरण किया जा चुका है। नए राशन कार्ड बनवाने का काम चल रहा है। डीएसओ तीर्थराज यादव ने बताया कि जिन लोगों के 20 मार्च के बाद से अब तक कार्ड बन चुके हैं, वे कोटेदारों से राशन ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें