झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में स्व वित्त पोषित योजनांतर्गत कार्यरत
शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी को लेकर हुई बैठक में दूसरी
यूनिवर्सिटी का डाटा मांगा गया। उसी आधार पर एसएफएस स्टाफ के मानदेय में
बढ़ोतरी की जाएगी।
गौरतलब है कि शासन के निर्देश पर बुंदेलखंड
विश्वविद्यालय में हुई कार्य परिषद की बैठक में स्ववित्त पोषित योजना
अंतर्गत कार्यरत स्टाफ के कुल बजट का 75 फीसदी मानदेय तथा 25 फीसदी पैसा
विकास में खर्च करने को हरी झंडी दिखा दी गई थी। मानदेय बढ़ोतरी के लिए
कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय की संस्तुति पर चार सदस्यीय कमेटी का गठन
कर दिया गया था। इसी को लेकर बृहस्पतिवार को हुई पहली बैठक में कमेटी के
सदस्यों के बीच विचार विमर्श हुआ। सूत्रों ने बताया कि जिन विश्वविद्यालयों
ने यह शासनादेश पूर्व में लागू कर दिया है, उनका डाटा एकत्र कर सुझावों को
शामिल करने पर सहमति बनी। इसके अलावा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का भी डाटा
देखा गया कि किस आधार पर मानदेय दिया जा रहा है।
अभी तक विश्वविद्यालय में
कार्यरत एसएफएस स्टाफ को स्वीकृत बजट का 58 फीसदी के हिसाब से मानदेय का
भुगतान किया जा रहा है। अब स्टाफ के अंदर इसे लेकर खासी उत्सुकता है कि 75
फीसदी के भुगतान के लिए कमेटी क्या मापदंड तय करती है। यह सवाल भी कौंध
रहा है कि मौजूदा समय में जो भुगतान किया जा रहा है क्या उसे 75 फीसदी बढ़ा
दिया जाएगा अथवा 17 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
इसके अलावा 2016 में
सातवां वेतन आयोग लगना है, तो क्या उसे मद्देनजर रखते हुए भी कमेटी अपनी
रिपोर्ट तैयार करेगी। बताया गया कि अब नवंबर में इसको लेकर दूसरी बैठक
आयोजित होगी, जिसमें मानदेय बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी जाएगी। बैठक के दौरान
बीयू तथा लखनऊ के अरबी फारसी विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी मौजूद रहे।