संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। आयकर विभाग अब ज्यादा खर्च करने वाले लेकिन कम आमदनी दिखाने वालों पर नजर रख रहा है। इसके लिए बैंकों और दूसरी संस्थाओं से बड़ी रकम के लेन-देन की जानकारी जुटा रहा है। हाल में ऐसे सैकड़ों खाते निशाने पर आए हैं। उनका ब्योरा खंगाला जा रहा है। फिलहाल विभाग ने ऐसे संदिग्ध खातेदारों को नोटिस जारी किए हैं।
आयकर चोरी करने वालों के खिलाफ विभाग लगातार शिकंजा कसे हुए हैं। टैक्स चोरी के मामले पकड़ने के लिए बैंक, रजिस्ट्रार और अन्य वित्तीय संस्थाओं से ब्योरा लिया जा रहा है। आधुनिक पद्धति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करते हुए डेटा विश्लेषण किया जा रहा है। सहायक आयकर आयुक्त राजेंद्र निगम ने बताया कि टैक्स चोरी करने वाले किसी भी तरह से नहीं बच सकते हैं। उनके हर लेन-देन पर विभाग की नजर है। यदि वह चोरी-छिपे किसी भी तरह से लेन-देन का प्रयास करते हैं तो वह एकत्रित की गई जानकारी से पकड़े जा सकते हैं। कोई बड़ी रकम निवेश करता है, संपत्ति खरीदता है, या क्रेडिट कार्ड पर अपनी आमदनी से ज़्यादा खर्च करता है तो वह विभाग के निशाने पर आ जाएगा। यह संस्थाएं हर साल विभाग को खरीद-फरोख्त की रिपोर्ट देते हैं, इससे आपके बड़े लेन-देन की जानकारी होती है। प्राप्त इस ब्योरे में सैकड़ों संदिग्ध खाते पाए गए हैं। प्राप्त ब्योरे को आयकर रिटर्न, टीडीएस, जीएसटी और विदेशी ट्रांजेक्शन के साथ मिलाया जा रहा है। फिलहाल ऐसे खातेदारों को नोटिस जारी करते हुए पक्ष रखने का समय दिया गया है। यदि उनका जवाब सही नहीं पाया जाता है, और वह टैक्स चोरी के मामले में पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ज्यादा पैसे का लेनदेन करने वाले रडार पर
- जब किसी व्यक्ति के बैंक खाते में बहुत बड़ी रकम जमा या निकाली जाती है, जो एक तय सीमा से ज्यादा होती है, तो बैंक या संस्था को इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देनी होती है। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो विभाग के निशाने पर आ जाते है, और फिर विभाग इस बात की जांच करता है कि उसने टैक्स नियमों का पालन किया है या नहीं।