झांसी। लेखपालों की हड़ताल के कारण आय, जाति आदि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परेशान लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। जिला प्रशासन ने अब प्रमाण पत्र बनाने के लिए सत्यापन का अधिकार कानूनगो को दे दिया है। जो लोग प्रमाण पत्र प्रमाण पत्र बनवाना चाहते हैं, वह एक बार फिर से अर्जी दें, ताकि प्रमाण पत्र बनाया जा सके। लेखपालों की हड़ताल के कारण अकेले झांसी सदर तहसील में ही तीन हजार से अधिक प्रमाण पत्र लंबित पड़े हैं।
छह सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल 16 दिन से हड़ताल पर चल रहे हैं। हड़ताल होने के कारण जिले भर के 307 लेखपाल सरकारी कामकाज पूरी तरह से ठप किए हैं। 136 अन्य ट्रैनी लेखपाल भी हैं, जो हड़ताल में तो शामिल नहीं हैं, लेकिन वह अभी कोई कामकाज नहीं कर सकते हैं, जिससे हड़ताल का असर तहसीलों में देखा जा सकता है। सबसे बड़ी समस्या आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही है। वर्तमान में छात्रवृत्ति के फार्म भरे जा रहे हैं, जिसमें छात्र- छात्राओं को प्रमाण पत्र लगाने की आवश्यकता पड़ रही है। लेकिन, हड़ताल के कारण कामकाज ठप है।
स्थिति यह है कि अकेले झांसी सदर तहसील में तीन हजार से अधिक आवेदकों को प्रमाण पत्र बनने का इंतजार है। अकेले झांसी तहसील ही नहीं, बल्कि मऊरानीपुर, गरौठा, मोंठ और टहरौली तहसील में भी यही स्थिति है। एक अनुमान के अनुसार जिले की सभी तहसीलों में करीब पंद्रह हजार छात्र-छात्राएं प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कर चुके हैं और हड़ताल समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं।
अकेले आय, जाति प्रमाण पत्र ही नहीं, बल्कि लेखपालों की हड़ताल से तहसीलों में अन्य कामकाज भी प्रभावित है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद दाखिल खारिज की प्रक्रिया भी प्रभावित है। यही नहीं, राजस्व और भूलेख के मुकदमों पर भी असर पड़ रहा है। विरासत संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए लेखपालों की रिपोर्ट लगनी बंद है, जिससे यह काम भी प्रभावित हो रहा है।
ये भी हैं परेशान
- पुलिस व सेना भर्ती के लिए प्रमाण पत्र का इंतजार है।
- समाजवादी पेंशन का सत्यापन कार्य नहीं हो पा रहा है।
- भूमिहीनों के लिए आम आदमी बीमा योजना का काम ठप।
- अतिवृष्टि से खराब हुई मूंगफली का सत्यापन कार्य अटका
- तहसील दिवस की शिकायतों का निस्तारण कार्य ठप है।
ये हैं लेखपालों की छह सूत्रीय मांगें
- वेतन विसंगति दूर की जाए, 2800 रुपये ग्रेड पे किया जाए।
- लेखपालों का मंडलीय कैडर हटाकर जिला कैडर किया जाए।
- पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक तैनात किया जाए।
- लेखपालों का नाम राजस्व उपनिरीक्षक किया जाए व स्नातक भर्ती हो।
- वर्ष 2004 के बाद के लेखपालों को पुरानी पेंशन दी जाए।
- ई-डिस्ट्रिक्ट को देखते हुए लेखपालों को लेपटॉप दिए जाएं।
आंदोलन का कार्यक्रम
- 07 सितंबर से कार्य बहिष्कार का सिलसिला लगातार जारी है।
- 13 सितंबर तक सुबह दस बजे से चार बजे तक लेखपाल पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे।
- 14 सितंबर को जिला मुख्यालय पर रैली निकाली जाएगी।
- 15 सितंबर को जिला मुख्यालयों स्थित धरना स्थल पर रक्तदान शिविर ।
- 19 सितंबर को बाइक रैली निकाली जाएगी।
- 20 से 22 सितंबर तक 72 घंटे का क्रमिक अनशन। 11- 11 लेखपाल 24 घंटे तक अनशन करेंगे।
- 23 सितंबर को जिला के सभी लेखपाल जेल भरो आंदोलन करेंगे।
हड़ताल के 16 वें दिन धरना दिया
झांसी। उप्र लेखपाल संघ के तत्वावधान में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के 16 वें दिन लेखपालों ने सदर तहसील में धरना दिया। संतोष सिंह गौर ने कहा कि लेखपाल आंदोलन को लेकर पूरी तरह से एकजुट हैं। उनकी लड़ाई मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी। सरकार से एस्मा लगाया था, लेकिन लेखपालों की एकजुटता के आगे उसका कोई असर नहीं है। धरना के मुख्य अतिथि जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश निरंजन रहे। विशिष्ट अतिथि रामसेवक सोनकर, कामता प्रसाद गुप्ता व संतोष सिंह गौर रहे। इस मौके पर सभी तहसीलों के अध्यक्ष उपस्थित रहे। संचालन अशोक कुमार खरे ने किया।
जल्द बनेंगे प्रमाण पत्र
लेखपालों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित न हो, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कानूनगो को आय व जाति प्रमाण पत्र बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिन लोगों ने आय, जाति व निवास के लिए छह सितंबर के बाद आवेदन किए हैं, उनको दो से तीन दिन में प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इसके अलावा रजिस्ट्री के दाखिल खारिज की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है। क्रेता व विक्रेता यदि शपथ पत्र भरकर देते हैं तो दाखिल खारिज कर दिया जाएगा।
- राजेंद्र बहादुर
तहसीलदार
यदि मांगें मान ली जाती हैं तो पेंडिंग काम को अतिरिक्त समय में पूरा करेंगे। हड़ताल वापस तभी होगी, जब मांगें लिखित रूप से मान ली जाएंगी। यदि मांगें पूरी नहीं होतीं तो आंदोलन और तेज होगा। सरकार को मजबूर होकर उनकी मांगें माननी होंगी।
- ओमप्रकाश निरंजन
जिलाध्यक्ष उप्र लेखपाल संघ