गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के चलते 32 बच्चों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार सवालों के घेरे में हैं। वहीं गोरखपुर जैसा एक और हादसा झांसी में भी हो सकता है।
दरअसल झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर भी ऑक्सीजन गैस की 35 लाख रुपये उधारी है। जुलाई में गैस सप्लाई करने वाली कंपनी ने पत्र लिखकर सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी। इसके बावजूद अब तक भुगतान लटका हुआ है।
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं होने से 50 से अधिक मौत के बाद ‘अमर उजाला’ ने झांसी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन गैस को लेकर पड़ताल की। इसमें सामने आया कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए पिछले वर्ष टेंडर हुआ था। इस बार ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया पूरी न हो पाने की वजह से अब तक पुरानी कंपनी से ही ऑक्सीजन की सप्लाई ली जा रही है।
हर महीने लगभग दस लाख रुपये की ऑक्सीजन की खपत होती है। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज पर ऑक्सीजन की 35 लाख रुपये उधारी हो गई है। कंपनी की पिछले साल की बकाएदारी ही 22 लाख रुपये है। डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। ऑक्सीजन गैस के संबंध में समीक्षा बैठक बुलाई थी। इसमें बकाएदारी समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
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गौरतलब है कि महज 69 लाख रुपए के बकाए को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज को ऑक्सीजन की सप्लाई देने वाली फर्म ने हाथ खड़े कर दिए थे। इसके चलते लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में गुरुवार को गैस खत्म हो गई तो जंबो सिलेंडरों और अम्बू बैग से मरीजों की जान बचाने की कोशिश होती रही। बता दें कि सीएम योगी ने खुद दो दिन पहले इस अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन फिर भी इतनी बड़ी घटना हो गई।