रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं को तो जोर-शोर से शुरू किया जाता है, लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में अधिकांश योजनाएं दम तोड़ रही हैं। रेल प्रशासन जल्द ही अब ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाने जा रहा है। ऐसी स्थिति में मशीनें कारगर साबित होंगी, इस पर सवाल खड़ा हो गया है।
झांसी रेलवे स्टेशन ए वन ग्रेड में शामिल है। यहां यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए हर नई योजना को लागू करने के प्रयास चलते रहते हैं। वर्तमान में स्टेशन पर आरक्षण कार्यालय में टोकन प्रणाली, कैमरे, वाटर वेंडिंग मशीन, यात्री शेड, वाई-फाई, एस्केलेटर जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में एक के बाद एक सुविधाएं अनुपयोगी होती जा रही हैं। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सभी सुविधाओं के मेंटेनेंस पर ध्यान दिया जा रहा है।
- रेलवे स्टेशन में सुरक्षा के मद्देनजर कई लाख रुपये की लागत से लगाए गए 54 में 39 सीसीटीवी कैमरे नौ महीनेे के भीतर ही खराब हो गए। इसमें से कुछ ने तो लगने के दो-तीन महीने के बाद ही काम करना बंद कर दिया था। इन्हें दुरुस्त करवाने की चिंता किसी को नहीं है।
- रेलवे स्टेशन के आरक्षण कार्यालय में लाखों रुपये का ठेका देकर दुबारा शुरू की गई टोकन प्रणाली छह माह से अधिक समय से बंद पड़ी है। कंपनी के कर्मचारी कई बार सिस्टम को ठीक करने आए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
- रेलवे स्टेशन के सामने 57.36 लाख रुपये की सांसद निधि से 880 वर्ग मीटर में यात्री शेड का निर्माण कराया गया है, जिसका उद्घाटन 21 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने किया था। यात्री शेड में ढाई माह बाद भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। ठेका न होने से शौचालय पर ताला लटका है। शेड में सफाई न होने यहां यात्री रुक नहीं रहे हैं।
- रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के हॉल में पीएनआर चेक करने की दोनों मशीनें अब हांफने लगी हैं। इन मशीनों की स्क्रीन पर बड़ी मुश्किल से नंबर डायल होते हैं, इससे यात्री परेशान रहते हैं।