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आजादी के 75 साल बाद भी 57 फीसदी आधी आबादी को 10वीं तक की शिक्षा नसीब नहीं

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झांसी। आजादी का 75वां साल चल रहा है, इसके बावजूद झांसी में 15 से 49 साल की 57 फीसदी आधी आबादी को दसवीं तक की शिक्षा नसीब नहीं हो सकी है। वर्ष 2020-21 नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस) की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। मंडल के ललितपुर और जालौन में तो और भी खराब हालात हैं।
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बालिकाओं और किशोरियों का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। एक बालिका जितनी शिक्षित होगी, वह खुद के स्वास्थ्य और परिवार की बेहतर देखभाल कर सकेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक पढ़ी-लिखी महिलाएं परिवार नियोजन और दो बच्चों के बीच के अंतर को लेकर ज्यादा सजग रहती हैं। इसके अलावा बच्चे के खानपान से लेकर टीकाकरण के प्रति भी जागरूकता अधिक रहती है। वहीं, एनएफएचएस-5 के सर्वे रिपोर्ट ने एक बार फिर सोचने को मजबूर कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक झांसी में 15 से 49 साल की 43.3 प्रतिशत आधी आबादी ने ही 10 साल तक स्कूल की शिक्षा ग्रहण की। यानी कि 57 प्रतिशत 10वीं से कम पढ़ी लिखी हैं। ललितपुर में ये आंकड़ा महज 23.8 फीसदी है। जबकि, जालौन में भी 39.9 प्रतिशत आधी आबादी ने दसवीं तक की शिक्षा ग्रहण की।
झांसी में कुछ सुधार, ललितपुर, जालौन में गिरी दर
2015-16 में हुए एनएफएचएस-4 के सर्वे की तुलना में एनएफएचएस-5 में झांसी की स्थिति कुछ सुधरी है। मगर गौर करने वाली बात ये है कि पांच सालों में ललितपुर और जालौन में आधी आबादी की 10 साल तक स्कूल की दर में गिरावट दर्ज हुई है।
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ये आया अंतर
जिला सर्वे 10 साल स्कूल में पढ़ीं
झांसी एनएफएचएस-4 36.8
एनएफएचएस-5 43.3
जालौन एनएफएचएस-4 41.5
एनएफएचएस-5 38.9
ललितपुर एनएफएचएस-4 24.0
एनएफएचएस-5 23.8
बालिका शिक्षा की दिशा में पिछले कुछ सालों में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। झांसी की उपलब्धि देश-प्रदेश की तुलना में बेहतर है। हालांकि, एनएफएचएस-5 की सर्वे रिपोर्ट में जालौन, ललितपुर के हालात चिंताजनक हैं। अभी बालिका शिक्षा को लेकर समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने की जरूरत है। ये सिर्फ सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होगा। इसके लिए प्रबुद्ध वर्ग को भी भागीदारी निभानी पड़ेगी। - आनंद चौबे, मंडलीय परियोजना प्रबंधक, एनएचएम।
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