बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीसीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा के दौरान शनिवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। परीक्षा में छात्र-छात्राओं को वो पेपर दे दिया गया, जो विषय उन्होंने कोर्स के दौरान पढ़ा ही नहीं है। छात्र सिलेबस से बाहर का पेपर आने की बात कहते हुए परीक्षा छोड़कर खड़े हो गए। बाद में शिक्षकों के समझाने पर माने और परीक्षा दी। मामले की शिकायत मिलने पर बीयू प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
बीयू के कंप्यूटर एंड मैथमेटिक्स साइंस विभाग में बीसीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा चल रही है। शनिवार को छात्र-छात्राओं की कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन की परीक्षा थी। विद्यार्थी जब परीक्षा देने के लिए आए तो पेपर हाथ में मिलते ही उनका सिर चकरा गया। छात्र-छात्राओं को एक भी प्रश्न समझ नहीं आ रहा था। जब किसी भी परीक्षार्थियों को सवाल समझ नहीं आए तो सभी सिलेबस से बाहर का प्रश्नपत्र आने की बात कहते हुए परीक्षा छोड़कर खड़े हो गए। शिक्षकों ने भी प्रश्नपत्र देखा और कहा कि जितने सवाल आ रहे हैं, उन्हें हल कर दो। फिर विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
परीक्षा खत्म होने के बाद सभी छात्र विभागाध्यक्ष के पास पहुंचे। उन्होंने अपनी समस्या बताई। इस पर विभागाध्यक्ष ने दो एक्सपर्ट बुलाकर प्रश्नपत्र की जांच कराई तो पता चला कि छात्रों को कंप्यूटर नेटवर्क का पेपर दे दिया गया है। जबकि, ये विषय बीसीए द्वितीय वर्ष में पढ़ाया ही नहीं जाता है। हालांकि, उस प्रश्नपत्र के लिफाफे पर कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन लिखा था।
शनिवार को बीसीए द्वितीय वर्ष की कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन की परीक्षा थी। छात्रों की शिकायत पर एक्सपर्ट से जांच कराई गई तो पता चला कि कंप्यूटर नेटवर्क का पेपर आ गया है। जबकि, लिफाफे पर कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन लिखा था। परीक्षा नियंत्रक को सूचना दे दी गई है।
- प्रो. आरके सैनी, विभागाध्यक्ष।
विभागाध्यक्ष की ओर से गलत पेपर आने का पत्र मिला है। इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अब विशेषज्ञों से प्रश्नपत्र की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि शिकायत सही मिलती है तो परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराई जाएगी।
- राजबहादुर, परीक्षा नियंत्रक, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।