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कोरोना काल में अटके विधायकों के विकास के प्रस्ताव

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फंसकर रह गए विकास के प्रोजेक्ट, अगले साल जनता पूछेगी तो क्या जवाब देंगे हमारे माननीय
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झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण ने विकास को भी गहरी चोट दी है। जिले की चारों विधानसभाओं के विकास के कई प्रोजेक्ट फंस कर रह गए हैं। इसे लेकर विधायक परेशान हैं। अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। उन्हें एक बार फिर जनता के बीच वोट मांगने जाना है। लेकिन, विधायकों को चिंता सता रही है कि जब जनता विकास की बात करेगी, तो वे क्या जवाब देंगे। इतना ही नहीं, विधायक निधि निलंबित होने की वजह से जन सरोकारों से जुड़े छोटे-मोटे काम भी नहीं हो पा रहे हैं। कहीं सीसी रोड डलवानी है, तो कहीं बिजली के खंभे की दरकार है। ये भी काम विधायक निधि की कमी की वजह से नहीं हो पा रहे हैं। खामियाजा जनता को भी भुगतना पड़ रहा है।
विधानसभा - झांसी सदर
लक्ष्मीताल के सौंदर्यीकरण का काम अटक कर रह गया है। इसका काम पूरा होने के लिए लगभग 46 करोड़ रुपये की और दरकार है। लेकिन, बजट न मिल पाने की वजह से फिलहाल काम अधर में लटका हुआ है। महानगर के लोगों को यातायात की सुगम सुविधा देने के लिए 25 सिटी बस चलाई जानी थीं। इनके लिए बस स्टैंड भी तैयार किया जाने लगा था। लेकिन, महामारी की वजह से ये योजना भी परवान नहीं चढ़ पाई है। विधायक निधि निलंबित होने की वजह से महानगर के कई मुहल्लों की सड़कें, नाली, बिजली के खंभे, हैंडपंप भी नहीं लग पाए हैं।
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विधानसभा - बबीना
लोगों का आवागमन आसान बनाने के लिए बड़ागांव में बेतवा नदी पर पुल बनाया जाना था, लेकिन कोरोना काल में प्रोजेक्ट अटक गया है। रक्सा-बैदोरा 35 किलोमीटर की सड़क भी बजट की कमी की वजह से नहीं बन पाई है। इसके अलावा क्षेत्र की कई सड़कों की नियमित मरम्मत का काम भी नहीं हो पाया है। वहीं, क्षेत्र के कई गांवों में सड़क, नाली, बिजली के खंभे, हैंडपंप की दरकार है। ये सभी काम विधायक निधि से होने थे, लेकिन कोरोना काल में निधि निलंबित होने की वजह से ये काम भी नहीं हो पाए हैं।
विधानसभा - गरौठा
48 करोड़ रुपये लागत की बड़वार सिंचाई परियोजना को 30 जून को पूरा होना था, पैसे की भी कमी नहीं थी। लेकिन, कोरोना कोरोना काल में ये परियोजना फंस कर रह गई है। इसी तरह जल निगम की 85 करोड़ रुपये की गुरसराय - गरौठा पेयजल योजना पैसा होने के बाद भी अटक गई है। कई गांवों में संपर्क मार्ग बनाए जाने थे, जो नहीं बन पाए हैं। विधायक निधि के अभाव की वजह से बिजली के खंभे, अंदरूनी सड़कों का निर्माण, हैंडपंप लगाने के काम भी अटक गए हैं। लघु सिंचाई विभाग की पानी से जुड़ी कई परियोजनाएं भी अटकी हुईं हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रभाव की वजह से निश्चित रूप से विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। विधायक निधि निलंबित होने की वजह से भी कई काम नहीं हो पाए हैं। लेकिन, अब हालात सामान्य हो चले हैं। तेजी से विकास कार्य किए जाएंगे।
- रवि शर्मा, सदर विधायक
कोरोना काल में जन सहूलियतों से जुड़ीं कई परियोजनाएं अटक कर रह गईं हैं। पानी और सड़कों से जुड़े प्रोजेक्ट भी प्रभावित हुए हैं। लेकिन, आगामी एक साल के भीतर सभी काम कर लिए जाएंगे। हालांकि, इस दरम्यान ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुईं हैं।
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- राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक
महामारी की वजह से विकास कार्यों को खासा झटका लगा है। क्षेत्र की पानी की समस्या के समाधान के लिए बनाए गए कई प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पाए हैं। जबकि, पैसे की कोई कमी नहीं है। लेकिन, सरकारी मशीनरी के आपदा प्रबंधन में फंसी होने की वजह से ये स्थिति बनी है।
- जवाहर लाल राजपूत, गरौठा विधायक
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