मंडल से गुजरने वाली 12 से 15 ट्रेनों में अगले माह इमरजेंसी कोटे की सीटों की संख्या बढ़ेगी। वीआईपी यात्रियों की बढ़ती मांग को लेकर मंडल स्तर पर फैसला लिया गया है। झांसी से गुजरने वाली यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, उदयपुर जाने वाली खजुराहो इंटरसिटी, कुशीनगर एक्सप्रेस और पंजाब मेल में सबसे ज्यादा मांग आ रही है।
झांसी से गुजरने वाली अप और डाउन की 73 ट्रेनों में इमरजेंसी कोटे के तहत बर्थ की सुविधा मिलती है। कोटे की सीटें सांसद, विधायक, रेल अफसरों व अन्य वीआईपी को उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में झांसी से गुजरने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, लखनऊ-पुणे एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, झांसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस, ग्वालियर-बरौनी छपरा मेल, पंजाब मेल, निजामुद्दीन कोपरगांव एक्सप्रेस, उद्योग नगरी एक्सप्रेस, ग्वालियर हावड़ा चंबल एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-कोयंबटूर एक्सप्रेस, सदर्न एक्सप्रेस, कानपुर बलसाड एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल, उत्कल एक्सप्रेस, खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी केरला एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, झांसी-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, मानिकपुर हजरत निजामुद्दीन, मालवा एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, खजुराहो हजरत निजामुद्दीन यूपी संपर्क क्रांति, जम्मूतवी दुर्ग एक्सप्रेस, निजामुद्दीन मद्रास एक्सप्रेस, देहरादून मद्रास एक्सप्रेस, आंध्रा एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, गोरखपुर ओखा एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, जम्मूतवी जबलपुर एक्सप्रेस, निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस, नई दिल्ली जबलपुर एक्सप्रेस, निजामुद्दीन भुसावल गोंडवाना एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस, निजामुद्दीन जबलपुर गोंडवाना एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, भोपाल प्रतापगढ़, मानिकपुर हजरत निजामुद्दीन यूपी संपर्क क्रांति व इंदौर पटना एक्सप्रेस मेें कोटे के तहत बर्थ मिलती है। वर्तमान में इन ट्रेनों मेें दो, चार, छह व आठ बर्थ इमरजेंसी कोर्ट के तहत हैं। मांग अधिक होने के कारण बर्थ नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अधिकांश इन ट्रेनों में बर्थ बढ़ाने की तैयारी है। संभावना है कि अगले माह से बर्थ बढ़ने के बाद काफी राहत मिलेगी।
जिन ट्रेनों में नहीं, उनमें भी बढ़ेगी
झांसी से गुजरने वाली कई ट्रेनें ऐसी भी हैं, जिनमें इमरजेंसी कोटा ही नहीं है। ऐसे में सदर्न एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस समेत कुछ और ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा भी बढ़ सकता है। रात के समय दिल्ली जाने के लिए सदर्न एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस व मुंबई जाने वाली मंगला एक्सप्रेस में भी इमरजेंसी कोटा बढ़ाया जा सकता है।
समय-समय पर बदलाव होता रहता है। मांग के अनुसार ट्रेनों में इमरजेंसी कोर्ट के तहत बर्थ की संख्या बढ़ाई जाएगी। वीआईपी यात्रियों की बढ़ते मांग के अनुसार यह फैसला लिया जा रहा है। - विपिन कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम।