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हम कबूतरा! बेचते हैं शराब, रोक कर दिखाओ

Fri, 11 Dec 2015 12:42 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। नगर में कच्ची शराब ने दो लोगों की जान ले ली है। बावजूद, इसकी बिक्री जारी है। और तो और बृहस्पतिवार को वह अड्डे भी गुलजार नजर आए, जिनसे शराब लेकर मरने वालों ने पी थी। बावजूद, अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश को कदम नहीं उठाए गए।
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प्रेमनगर क्षेत्र के हंसारी राय मोहल्ला निवासी राजेंद्र सिंह, गणेश नगर निवासी कामता प्रसाद व टपरिया निवासी मंगल सिंह ने चार दिन पूर्व समीप के अड्डों से खरीदकर कच्ची शराब का सेवन किया था। तीनों की हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उपचार के दौरान इनमें से राजेंद्र व कामता प्रसाद की मौत हो गई। जबकि, मंगल की हालत स्थिर बनी हुई है। इसके बाद भी प्रशासन नींद से नहीं जागा है। हद तो यह है कि जिन शराब के अड्डों लेकर उक्त ने शराब पी थी, वह अड्डे भी धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। लेकिन, इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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दर्जनों मौतों के बाद उजाड़े गए थे अड्डे
झांसी। जिले में एक सैकड़ा से अधिक स्थानों पर कच्ची शराब की बिक्री की जा रही है। महानगर में ही दर्जनों स्थानों पर खुलेआम शराब बेची जा रही है। इससे राजस्व की भारी क्षति तो ही रही है। साथ ही शौकीनों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

बावजूद, इस पर अंकुश को प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बीते वर्ष लखनऊ के मलिहाबाद में अवैध शराब के सेवन से दर्जनों मौतों के बाद प्रशासन नींद से जागा था। व्यापक पैमाने पर कच्ची शराब को नष्ट कर दिया गया था तथा अड्डे उजाड़े गए थे। इससे कुछ समय के लिए शराब की बिक्री बंद भी हो गई थी। लेकिन, प्रशासन के कन्नी काटते ही शराब के अड्डे शुरू हो गए थे, जिन पर धड़ल्ले से कच्ची शराब की बिक्री जारी है।

जहरीली शराब पिलाकर हत्या का आरोप
झांसी। मेहनताना लेने गए व्यक्ति को जहरीली कच्ची शराब पिलाने और गुप्तांग पर लात मारने से हुई मजदूर की मौत का मामला सीपरी बाजार में दर्ज कराया गया है।

कोर्ट के आदेश पर गांव आरी निवासी रविंद्र कुशवाहा ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पिता पूरन उर्फ शिवदयाल मजदूरी करते थे। उनको राजू अहिरवार पुत्र चमन अहिरवार निवासी गांव आरी ने गूल की 12 दिन में खुदाई कराने का ठेका दिया। काम होने के बाद आरोपी राजू ने काम ठीक से नहीं होने की बात कहकर भुगतान रोक दिया। पिता ने रुपये के लिए कई चक्कर भी लगाए।

18 जुलाई की शाम वह रुपये लेने के लिए राजू के घर गए, जहां उसने पिता को कच्ची जहरीली शराब पिला दी। जब उनकी तबियत बिगड़ी तो उसे जानकारी मिली। रविंद्र ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचा। जब उसे पता चला कि कच्ची जहरीली शराब पिलाने से उनकी तबियत बिगड़ी है, तो उसने विरोध किया।

आरोप है कि इससे गुस्से में आए राजू ने पिता के गुप्तांग में लात मार दी, जिससे पिता की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराया गया तो डाक्टरों ने मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर बिसरा सुरक्षित रखवा दिया। आरोप है कि जब इसकी शिकायत थाना पुलिस से की तो आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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