अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में बेहतर सेवाएं चाहिए तो ‘सुविधा शुल्क’ देना होगा। यदि वार्ड से रोगी को जांच के लिए व्हीलचेयर या स्ट्रेचर पर ले जाना है, तो सीधे रुपये की मांग होती है। जो रुपये नहीं देते हैं उन्हें स्वयं रोगी को ले जाना होता है। विगत दिनों रुपये मांगने का वीडियो वायरल हुआ। तत्कालीन प्राचार्य ने जांच के आदेश दिए मगर आज तक आदेश पर अमल नहीं हुआ है।
मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में तैनात वार्ड ब्वॉय द्वारा रुपये मांगने का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में एक व्यक्ति स्पष्ट कह रहा है कि वार्ड ब्वॉय ने उससे रुपये लिए हैं। यह मामला प्राचार्य के पास पहुंचा तो उन्होंने सीएमएस को जांच के आदेश दिए मगर आज तक कुछ नहीं हुआ है। यही नहीं, वार्डों में भर्ती रोगियों को सुलभ शौचालय अथवा जांच के लिए स्ट्रेचर अथवा व्हीलचेयर से ले जाने के लिए भी वार्ड ब्वॉय द्वारा 50 से 100 रुपये तक मांगे जाते हैं। यदि कोई इन्कार करता है तो उसे व्हीलचेयर अथवा स्ट्रेचर तलाशने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती है। यदि किसी को व्हीलचेयर अथवा स्ट्रेचर मिल जाती है तो भी मरीज को स्वयं ले जाना पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि तत्कालीन प्राचार्य द्वारा दिए जांच के आदेश नहीं मिले हैं। इसलिए कुछ भी कहना संभव नहीं है। यदि किसी भी वार्ड ब्वॉय द्वारा रुपये की मांग करने की लिखित शिकायत मिलेगी तो सख्त कार्रवाई होगी।