झांसी। कई लोगों को आंखों में सामने धागे नुमा आकृति या फिर काले धब्बे दिखते हैं। मगर इनके साथ तेज चमकीली रोशनी दिखने लगे तो फिर आंख का पर्दा (रेटिना) उखड़ने का खतरा रहता है। इससे आंख की रोशनी जा सकती है। इसलिए बिना देरी करे नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचकर पर्दे की जांच करानी चाहिए।
आंखों के सामने तैरती हुई इन लकीरों, धब्बों को फ्लोटर्स कहते हैं। आमतौर पर ये समस्या अधिक उम्र में ज्यादा होती है। मगर चश्मे का नंबर ज्यादा होने (हाई मायोपिया), मधुमेह, हाइपरटेंशन आदि की वजह से ये समस्या कम उम्र में लोगों को होने लगी है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शमी ने बताया कि आंखों की पीछे विट्रियस जैल होती है। जब इन लकीरों और धब्बों की संख्या अचानक तेजी से बढ़ने लगती है, तब ये विट्रियस जैल आंख के पर्दे से खिंचने लगती है। ऐसे में लकीरों, धब्बों के साथ चमकीली रोशनी भी दिखने लगती है। रेटिना उखड़ने से आंख की रोशनी पूरी तरह जा सकता है। ऐसे में चमकदार रोशनी जैसे ही दिखनी शुरू हो तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञों को दिखाएं। डॉक्टर जांच के बाद जहां से पर्दा कमजोर पड़ रहा होगा, उसे लेजर से ठीक कर देंगे। वहीं, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद यादव ने बताया कि जिला अस्पताल में फ्लोटर्स के रोजाना एक-दो मरीज आते हैं। ये ज्यादा गंभीर नहीं है। मगर तेजी से आंखों के सामने काले धब्बे अथवा लकीरें बढ़ रही हैं तो आंखों की जांच करवानी चाहिए।