झांसी। इंटरनेट की मार्कशीट में सही अंक चढ़े होने पर भी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय अब छात्र-छात्राओं की डिग्रियां बनाएगा। इसको लेकर परीक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। ऐसे में मूल अंकतालिका प्राप्त न होने पर विद्यार्थियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
पढ़ाई पूरी होने के बाद छात्र-छात्राओं की मार्कशीट बनने अथवा मिलने में कभी-कभार देरी हो जाती है। यदि किसी छात्र की नौकरी लग जाती है तो उसे डिग्री की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड करके इंटरनेट की मार्कशीट लगाकर छात्र-छात्राएं डिग्री बनाने के लिए आवेदन कर रहे थे। बीयू प्रशासन के पास ऐसे दो सौ से अधिक आवेदन आ चुके हैं। मगर मूल मार्कशीट न होने की वजह से इन विद्यार्थियों की डिग्री नहीं बन पा रही थी। कई छात्र-छात्राओं की इंटरनेट की मार्कशीट और चार्ट में दर्ज नंबरों में भिन्नता भी इसका एक कारण थी। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि वर्ष 2019, 2020, 2021, 2022, 2023 और 2024 के छात्र-छात्राएं उपाधि के लिए आवेदन के दौरान इंटरनेट की मार्कशीट लगाते हैं और उसमें दर्ज किसी भी विषय के अंकों का चार्ट से मिलान करने पर अंतर नहीं पाया जाता है तो विद्यार्थी की डिग्री बना दी जाएगी। वहीं, अगर चार्ट और इंटरनेट की मार्कशीट के किसी भी विषय के अंकों में फेर मिलता है तो कर्मचारी द्वारा आपत्ति लगाई जाएगी।