संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बीमार हैं तो आपको अगले स्टेशन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आपको बस, ट्रेन के अंदर मौजूद टीटीई से संपर्क करना होगा। उनके पास सीने में दर्द होने से लेकर डायरिया व हीट स्ट्रोक तक की दवाएं मौजूद मिलेंगी। कुछ दिन पहले ही डीआरएम ने इस किट को प्रत्येक टीटीई को उपलब्ध कराया था। यही कारण है कि अब तक 38 यात्रियों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
डीआरएम दीपक सिन्हा ने कुछ दिन पहले मंडल के सभी टीटीई को मेडिकल किट उपलब्ध कराई थी। इस किट में हार्ट अटैक, बीपी के अलावा भीषण गर्मी में उल्टी, दस्त, पेट दर्द डायरिया आदि के बचाव के लिए 11 तरह की दवा, ओआरएस, बैंडडेज, एंटीसेप्टिक क्रीम सहित कुल 17 प्रकार की औषधि है। कुछ दिनों पहले राजधानी एक्सप्रेस में एक बच्चा गिरने की शिकायत रेलवे प्रशासन को मिली थी। रेल मदद पर सूचना मिलने पर ट्रेन के टीटीई को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे टीटीई ने बच्चे के सिर पर लगी चोट के कारण निकल रहे खून को रोकने के लिए उसका प्राथमिक उपचार कर क्रीम व पट्टी बांधी। इस संबंध में सीनियर डीसीएम ने बताया कि इस किट का फायदा यात्रियों को मिल रहा है।
हीट स्ट्रोक के सर्वाधिक मामले
सीनियर डीसीएम अमन वर्मा ने बताया कि गर्मी के कारण ट्रेनों में सबसे ज्यादा हीट स्ट्रोक संबंधी मामले सामने आ रहे हैं। यही कारण है कि यात्रियों के लिए उसमें उल्टी, दस्त के अलावा पेट दर्द और ओआरएस का सर्वाधिक दवा का उपयोग हो रहा है। वहीं, कुछ मामले बीपी और चेस्ट पेन के मिले थे। उन्हें भी दवा देकर समस्या को दूर किया गया। उन्होंने बताया कि टीटीई के लिए यह सब इसलिए आसान है क्योंकि किट के अंदर एक सूची लगी है। उसमें अंकित है कि कौन सी दवा किस मर्ज के लिए है।
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केस 1 :
ट्रेन क्रमांक 12144 लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे आलोक गुप्ता के बेटे को सफर के दौरान तेज बुखार आ गया। उन्होंने रेल मदद पर सूचना दी। सूचना मिलने पर ट्रेन में टीटीई ने तत्काल बच्चे को अटेंड कर उसे दवा दी। झांसी स्टेशन आने पर बच्चे की समस्या दूर हो गई। टीटीई ने चिकित्सकों को बुलाकर भर्ती हो जाने के लिए कहा पर यात्री ने इंकार कर यात्रा जारी रखी।
केस 2
ट्रेन क्रमांक 12138 पंजाब मेल में पुनीत गुप्ता अपनी पत्नी के साथ बी-2 में सीट क्रमांक 44, 47 पर यात्रा कर रहे थे। साथ में बेटा भी था। बेटे का खिड़की के कांच से हाथ कट गया था। उन्होंने रेल मदद पर सूचना दी। यह जानकारी तत्काल ट्रेन के टीटीई को दी गई। टीटीई ने बच्चे को अटेंड कर उसके हाथ को एंटीसेप्टिक लिक्विड से हाथ साफ करने के बाद क्रीम लगाकर पट्टी बांधी गई।