अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पुराने शहर के तंग बाजारों में आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। बंद पड़े पुराने हाइड्रेंट फिर से शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा, नए भी बनाए जाएंगे। पानी की उपलब्धता के लिए अलग से टंकी बनाई जाएगी और पाइप लाइन डाली जाएगी। इसके लिए झांसी विकास प्राधिकरण की ओर से जल निगम को धनराशि भी उपलब्ध करा दी गई है।
पुराने शहर के मानिक चौक, बड़ाबाजार, सुभाषगंज आदि बाजार के रास्ते संकरे हैं। इन बाजारों में दिन में भीड़भाड़ रहती है। ऐसे में आग लगने की घटना पर दमकल की गाड़ियों को मौके तक ले जाने पर भारी समस्या होती है। इसके अलावा, पुराने हाइड्रेंट खराब होने की वजह से दमकल की एक गाड़ी का पानी खत्म होने पर दूसरी बुलानी पड़ जाती है लेकिन आने वाले दिनों में यह स्थिति नहीं रहेगी।
इसके लिए, बंद पड़े पुराने 15 हाइड्रेंट दुरुस्त किए जाएंगे, जबकि 14 नए बनाए जाएंगे। हाइड्रेंटों के लिए अलग से पाइप लाइन डाली जाएगी। अलग पानी की टंकी भी बनाई जाएगी। हाइड्रेंटों की पाइप लाइन में हमेशा प्रेशर बना रहे, इसका भी इंतजाम किया जाएगा ताकि आग लगने पर दमकल विभाग की टीम इन हाइड्रेंटो से पानी ले सके। इस पर 4.44 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। इसमें से 2.22 करोड़ रुपये झांसी विकास प्राधिकरण की ओर से जल निगम (नगरीय) को उपलब्ध करा दी गई है।
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सीपरी के लिए बनेगा अलग प्लान
शहर कोतवाली क्षेत्र में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम किए जाने के बाद सीपरी क्षेत्र के लिए प्लान तैयार किया जाएगा। यहां के लिए अलग से ओवरहेड टैंक बनाकर पाइप लाइन डाली जाएगी और हाइड्रेंट बनाए जाएंगे। दमकल दस्ता इन हाइड्रेंटों में पाइप जोड़कर आग बुझा सकेगा।
वर्जन
नई व्यवस्था के तहत आग लगने पर दमकल विभाग को बाजारों में ही पानी मिल जाएगा। इससे अग्निकांड की घटना से निपटने में और भी सहूलियत मिलेगी। इसके लिए, जेडीए की ओर से धनराशि भी जारी कर दी गई है। - अविनाश कुमार, जिलाधिकारी