अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिलाधिकारी ने बुधवार को 50 लाख और इससे अधिक लागत की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता निम्न पाए जाने पर ठेकेदार को काली सूची में डाला जाएगा। इसके साथ ही एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, टेक्निकल टीम पर भी कार्रवाई होगी।
विकास भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम अविनाश कुमार ने यूपी सिडको के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता न होने पर नाराजगी जताई। समीक्षा में सामने आया कि पूर्ण हो चुकीं 33 परियोजनाओं में से 9 कार्यदायी संस्थाओं की ओर से विभागों को हस्तांतरित कर दी गई हैं। डीएम ने शेष पूर्ण परियोजनाओं को सूचीबद्ध करते हुए विभागों को हैंडओवर कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के 13 कार्यों की प्रगति असंतोषजनक होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सही न पाए जाने पर नोडल अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। इस दरम्यान नोडल अधिकारियों से रिपोर्ट भी ली गई।
इस मौके पर सीडीओ जुनेद अहमद, डीडीओ सुनील कुमार, नोडल अधिकारी अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी रजनीश कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी (भवन) दीपांकर चौधरी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।